ભારત છોડો આંદોલનની 75 વર્ષ: શરદ યાદવે જણાવ્યું હતું – ઇતિહાસ સાથે ચેડા, કોઈની સાથે ફ્લર્ટિંગ
સૈયદ શાદ દ્વારા
નવી દિલ્હી. आज यानी की 9 ઓગસ્ટને ભારત છોડો આંદોલન દિવસ તરીકે ઉજવવામાં આવે છે. ભારત છોડો આંદોલનની 75 साल पूरे होने के मौके पर संसद में शरद यादव ने भी भाषण दिया है। संसद में बोलते हुए शरद यादव ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे दादा-परदादा आजादी की लड़ाई में शामिल थे। आजादी की लड़ाई के लिए झांसी की रानी, मंगल पाड़ें और भगत सिंह समेत कइयों ने कुर्बानियां दीं। कितने ही लोग कुर्बान हो गए। ये लड़ाई साझा है। अगर देश साझा विरासत को याद नहीं रखगा तो कई तरह के भम्र में पड़ा रहेगा। इतिहास की गवाही बुनियाद होती है।

शरद यादव ने आगे कहा जो मुल्क इतिहास के साथ छेड़खानी करता है, वह पूरी कौम के साथ छेड़खानी करता है। विचारों में भिन्नता होती है। नहीं होगी तो फिर लोकतंत्र किस काम का। महात्मा गांधी ने कहा था कि लोकतंत्र गोली से नहीं बोली से चलेगा। साथ ही शरद यादव ने ये भी कहा कि जिंदा लोगों की हिफाजत के लिए कोई किताब है तो वह संविधान है।
મૌલાના આઝાદ અને તેમની પુણ્યતિથિને યાદ કરીને
મૌલાના અબુલ કલામ આઝાદ, મૌલાના આઝાદ તરીકે પણ ઓળખાય છે, ભારતના જાણીતા વિદ્વાન હતા, સ્વતંત્રતા…






