महिलाओं को लुभाने के चक्कर में तेलंगना सरकार की हुई फजीहत, जानें पूरा मामला ?
हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव ने महिलाओं को लुभाने के लिए त्योहार के अवसर पर 1 करोड़ साड़ियां बांटने का फैसला लिया. इसके तहत सरकार ने 220 करोड़ रुपए भी खर्च किए. लेकिन इस स्कीम की उस समय हवा निकली जब साड़ी मिलनी शुरू हुई तो महिलाओं ने साड़ी लेने से इंकार कर दिया. महिलाओं ने इन साडिय़ों की क्वालिटी पर सवाल खड़े करते हुए इनको घटिया तक कह दिया.

महिलाओं का कहना है कि सरकार ने उन्हें हैंडलूम साड़ी देने का वादा किया था लेकिन उन्हें ख़राब क्वालिटी की साड़ियां दी हैं. महिलाओं का कहना है कि उनको पावरलूम की साडिय़ां देने का वादा किया गया था लेकिन बाद में पॉलिस्टर की साडिय़ां दे दी गई. महिलाओं का कहना है कि जो साड़ियां दी गई हैं उनकी कीमत 100 रुपये से भी कम होगी. एक महिला ने तो यहां तक कह दिया कि साड़ियों की क्वालिटी इतनी ख़राब है कि चार बार पहनने के बाद किसी लायक नहीं बचेगी. महिलाओं ने “घटिया क्वालिटी” की साड़ियां कह कर इसे नकार दिया.

वहीं विपक्षी पार्टियों ने इसे ‘साड़ी घोटाला’ कहा है और इसकी न्यायिक जांच की भी मांग की है. विपक्ष का कहना है कि सरकार ने ख़र्चे का जितना दावा किया है उससे कहीं कम ख़र्च किया है और ‘घटिया क्वालिटी’ की साड़ी इसी का सबूत है. तो ग़रीब परिवार की महिलाओं को साड़ी बांटने पर तेलंगाना सरकार फंसती हुई नजर आ रही है. महिलाओं ने “घटिया क्वालिटी” की साड़ियों का विरोध करने के बाद साड़ियों को आग भी लगा दी.

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मौलाना अबुल कलाम आजाद, मौलाना आजाद के नाम से भी जाने जाते हैं, एक प्रसिद्ध भारतीय विद्वान थे, freedo…






