200 गायों का हत्यारा बीजेपी नेता, गौरक्षकों ने अबतक नहीं बोला धावा
छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की एक गौशाला में भूख के चलते 200 गायों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई है. छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार है. और सरकारी मदद से चलने वाली यह गौशाला है. सरकारी मदद से चलने वाली इस गौशाला में 200 से ज्यादा गायों की मौत हो गई है. गाय के नाम पर हाय तौबा मचाने वाले बीजेपी नेता 200 गायों के भूख के चलते मारे जाने के बाद भी खामोश हैं. और सबसे दिलचस्प बात यह है कि गाय के नाम पर देशभर में उत्पात मचाने वाले गौरक्षक भी खामोश हैं. अबतक गौरक्षकों ने इस गौशाले के मालिक के ऊपर हमला नहीं बोला है.

बहरहाल छत्तीसगढ़ की जिस गौशाला में भूख के चलते 200 गायों की मौत हो गई, उसके इंचार्ज, हरीश वर्मा बीजेपी नेता हैं. हरीश वर्मा जमूल नगर पंचायत क्षेत्र में बीजेपी के उपाध्यक्ष है. दुर्ग जिले के राजपुर गांव में बनी इस गौशाला का नाम शगुन गौशाला है. शगुन गौशाला के मेन गेट पर ही बड़ा सा कमल निशान बना है. जिसके अंदर 200 से ज्यादा गायों के मरने का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है शगुन गौशाला में रह रही गायें बेहद कमजोर हैं. सैकड़ों गायें मौत के कगार पर खड़ी हैं.

वहीं गौशाला चलाने वाले बीजेपी नेता हरीश वर्मा ने बताया कि दो दिन पहले बारिश हुई थी और एक दीवार गिर गई जिससे उनकी मौत हो गई. बीजेपी नेता की गौशाला में दर्जनों गायों की मौत होने के बाद उन्हें दफनाया तक नहीं गया. बता दें कि मरी गायों को कुत्तों ने खाया है. बीजेपी नेता की गौशाला में गायों की मौत बीजेपी पर सवाल खड़े करती है. क्या वाकई में बीजेपी केवल चुनावी फायदा के लिए गाय की बात करती है. बड़ा सवाल है.
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






