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Social - State - November 21, 2017

आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर फिर भड़की ममता, कहा-देश के लिए खतरनाक

नई दिल्ली। आधार कार्ड की आनियवार्यता को लेकर तमाम लोग, संगठन और राजनेता अपना विरोध जाहिर कर चुके हैं। कुछ समय पहले राइट टू प्राइवेसी के मामले में आधारकार्ड का सबसे ज्यादा जिक्र हुआ था। इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तहसीन पूनावाला ने तो सुप्रीम कोर्ट में याचिका तक दायर कर चुके हैं।

 

ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक बार फिर फिर आधार संख्या जोड़ने और निजी जानकारियों को सरकारी वेबसाइटों पर खुलासा करने की आलोचना की और इसे समस्याओं भरा बाताया। बनर्जी ने ट्वीट किया कि आधार को लिंक करना बहु़त दिक्कतों भरा है। आधार कार्ड के नाम पर 210 सरकारी वेबसाइटों पर जानकारियां साझा की जा रही हैं। यह व्यक्तिगत आजादी, समाज और देश के लिए खतरनाक है। सभी गोपनीय जानकारियां सार्वजनिक हो रही हैं। कुछ लोग गलत काम करने के बावजूद खुशी महसूस कर रहे हैं।

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने एक दिन पहले आधार जोड़ने के खतरों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि मैं विशिष्ट कार्ड(पहचान) के समर्थन में हूं। एक व्यक्ति के लिए अलग-अलग कार्ड नहीं हो सकते। लेकिन आधार कार्ड के नाम पर इस आधुनिक युग में जिस तरह से जानकारियों को वेबसाइटों पर उजागर किया जा रहा है यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समाज, व्यक्तिगत रूप से और देश के लिए खतरनाक है।

 

इससे पहले ममता बनर्जी ने टेलीकॉम विभाग को खुली चुनौती देते हुए कहा था कि वह अपना फोन आधार से लिंक नहीं करावाएंगी, चाहे कनेक्शन कट जाए. ममता ने आधार कार्ड को फोन से लिंक करने की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह निर्देशों का पालन नहीं करेंगी.

गौरतलब है कि सरकार ने मोबाइल नंबर को आधार कार्ड से जोड़ना अनिवार्य कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट को हाल ही में सरकार ने बताया कि मोबाइल-आधार लिंक करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दी गई है. पहले इसकी समय सीमा फरवरी 2017 थी।

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