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Social - State - January 14, 2018

बेरोजगारी ने इंजीनियर, एमबीए, पीएचडी धारकों को चपरासी बनने पर किया मजबूर

new Delhi. देश भर में युवा रोजगार के लिए किस कदर परेशान है इस बात से तो हर कोई वाकिफ है। यह और बात है कि हमारी सरकारें जो चुनाव से पहले रोजगार देने के तमाम वादे करते हैं वो उन्हें पूरा करना भूल जाते हैं।

मध्य प्रदेश में युवाओं की बेरोजगारी इस बार जजों का सिर चकरा रही है। दरअसल, ग्वालियर जिला कोर्ट में चपरासी के महज 57 पदों के लिए 60 हजार आवेदन आए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि पद का मानदेय सिर्फ साढ़े सात हजार रुपए है, लेकिन अधिकतर उम्मीदवार इंजीनियर, एमबीए और यहां तक कि पीएचडी डिग्रीधारी हैं।

इन आवेदनों को देखकर जिला कोर्ट प्रशासन भी पसीना-पसीना हो रहा है, क्योंकि चपरासी के लिए शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास रखी गई है। इसलिए सभी को स्क्रीनिंग और पर्सनल इंटरव्यू के लिए जज के सामने से गुजरना होगा जो बड़ी चुनौती है।

सेना भर्ती के बराबर शहर में उमड़ने वाली इस बेरोजगारों की भीड़ को कैसे नियंत्रित करेंगे, इसको लेकर प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए हैं। पड़ोसी राज्यों से भी युवाओं ने इसके लिए आवेदन किया है।

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