ભાજપની 3 વર્ષોથી લવ જેહાદ, ઘર વાપસી, ગૌ રક્ષકો પર હુમલા સિવાય પણ વધુ સિદ્ધિ છે!
દ્વારા: Sayed Shaad
નવી દિલ્હી. लोगों का दिल जीतने के लिए आप उन्हें कुछ मीठा खिलाएँ जिससे वो खुश हो जाएं.- એથેન્સના રાજકીય અને સામાજિક માળખા પર ગ્રીક નાટ્યકાર એરિસ્ટોફેન્સનું આ નિવેદન ભારતને અનુકૂળ આવે છે..
ઘર વાપસી, લવ જેહાદ, ગાય જાગ્રત હુમલા, અખ્લાક, પેહલુ ખાન, जुनैद, उमर खान, मोहम्मद अफराजुल की मौत, બહુજન, मुसलमानों की पिटाई, कश्मीर, छत्तीसगढ़ में जवानों की हत्या, काले धन पर ‘जुमलेबाज़ी’ के अलावा इन तीन सालों में क्या हुआ. इन तीन सालों में और भी बहुत कुछ हुआ। जिन्हें आप मोदी सरकार की उपलब्धियों में गिन सकते हैं..

‘सीएम योगी ने योगी को किया माफ़’
यूपी सरकार ने सीएम योगी के ख़िलाफ़ सभी मामले रद्द करने का फ़रमान जारी किया है. दरअसल यूपी सरकार ने योगी के खिलाफ 22 साल पुराना मुकदमा वापस लेने का फैसला किया। योगी पर साल 1995 में गोरखपुर के पीपीगंज इलाके में धारा 144 तोड़कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का इल्जाम था. इस मामले में योगी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। बहरहाल योगी सरकार यह मुकदमा अब वापस ले रही है।
योगी सरकार ने विधानसभा में एक कानून बनायाहै जिसके तहत 20,000 राजनीतिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे. वहीं अखिलेश यादव ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा था कि अब समझ में आया कि मुकदमा वापसी का कानून क्यों बनाया गया है क्योंकि सीएम और डिप्टी सीएम दोनों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे जो दर्ज हैं।
वहीं NIA की स्पेशल कोर्ट ने साल 2008 के मालेगांव ब्लास्ट मामले में साध्वी प्रज्ञा और कर्नल पुरोहित पर मकोका के तहत लगे सभी धाराओं को हटा लिया है। दोनों पर अब यूएपीए और आईपीसी के तहत मुकदमा चलेगा। फिलहाल इस मामलें में दोनों ही आरोपी पहले से जमानत पर बाहर हैं।
गौरतलब है कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2017 के शुरु में प्रज्ञा ठाकुर को जमानत दी थी, जबकि कर्नल पुरोहित को सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त महीने में जमानत दी थी।
મૌલાના આઝાદ અને તેમની પુણ્યતિથિને યાદ કરીને
મૌલાના અબુલ કલામ આઝાદ, મૌલાના આઝાદ તરીકે પણ ઓળખાય છે, ભારતના જાણીતા વિદ્વાન હતા, સ્વતંત્રતા…








