پھر آپ نقد کے بارے میں فکر مند ہو سکتے ہیں۔
नोटबंदी के बाद देश के लोगों को एक बार फिर कैश मिलने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नोटों की सप्लाई कम कर दी है। इस वजह से देश के कई शहरों में एटीएम या तो खाली हैं या उनके शटर डाउन हैं। आरबीआई ने बैंकों के लिए कैश फ्लो 25 फीसदी तक कम कर दिया है। माना जा रहा है यह सब एक योजना के तहत किया गया है।
दरअसल नोटबंदी के दौर में डिजिटल ट्रांजैक्शन ने खूब जोर पकड़ा, لیکن 4 महीने बाद फिर कैश ज्यादा चल रहा है। डिजिटल ट्रांजैक्शन फिर से बढ़ाने के लिए कैश की सप्लाई घटा दी गई है। जाहिर है कि आरबीआई के इस कदम से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसके अलावा आरबीआई चाहता है कि मार्केट में नोटबंदी के बाद जो लिक्विडिटी बढ़ी है, उसे कम किया जाए, ताकि महंगाई कम हो सके।
सूत्रों के अनुसार आरबीआई ने बैंकों के लिए नोटों की सप्लाई कम कर दी है। पश्चिमी-दक्षिण भारत के राज्यों में कैश की ज्यादा कमी देखने को मिल रही है। कई बड़े सरकारी बैंकों में जमा के मुकाबले निकासी ज्यादा हो रही है। हालांकि फिर डिजिटल ट्रांजैक्शन की जगह लोग नकदी पर लौटते दिख रहे है। कैश का इस्तेमाल रोकने के लिए आरबीआई ने सप्लाई घटाने का फैसला किया है। प्राइवेट बैंकों में नकदी की कमी ज्यादा देखने को मिल रही है।
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






