آئی اے ایس کی بیٹی کے ساتھ چھیڑ چھاڑ کیس میں ہریانہ بی جے پی صدر کے بیٹے کو بچانے کی سازش, سی سی ٹی وی فوٹیج غائب !
کی طرف سے: NIN دفتر
चंडीगढ़। 5 अगस्त को बीजेपी शासित हरियाणा में IAS की बटी से छेड़छाड़ का मामला में नया मोड़ सामने आया है। चंडीगढ़ पुलिस ने लड़की का पीछा करने के आरोप में हरियाणा के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बेटे समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था लेकिन चौबीस घंटे के भीतर ही उन्हें जमानत पर छोड़ दिया था। पुलिस पर सरकार के दबाव में आरोपी लड़कों के खिलाफ धारा कमजोर करने का आरोप लग रहा था।
अब इस हाई प्रोफाइल छेड़छाड़ मामले में चौंकाने वाला नया खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस इलाके में पीड़ित के साथ छेड़छाड़ हुई थी, उस इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज गायब हो गए हैं। बताया जा रहा है कि सेक्टर 26 और सेक्टर 7 کی 6 जगहों की फुटेज गायब हो गई हैं, जिसके कारण एक बार फिर से पुलिस पर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया जा रहा है।
विवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इसको लेकर ट्वीट में कहा कि भाजपा सरकार अपराधियों और अपनी विचारधारा वालों से साठगांठ करने के बजाय उनको सजा दे। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य में जगह-जगह इस मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को इस घटना के विरोध में पुतले भी फूंके थे।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि विकास बराला और उसके दोस्त आशीष ने उसकी गाड़ी को रोका, उसका पीछा किया और उसके साथ छेड़छाड़ की। पीड़िता ने शुक्रवार रात सेक्टर-26 पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर उलटे बराला का ही समर्थन करते नजर आए। खट्टर ने हिसार में पत्रकारों से कहा, इस मामले का सुभाष बराला से कोई लेना-देना नहीं है। यह एक व्यक्ति से जुड़ा मामला है। अगर आरोप सही साबित होता है, तो यह बेहद निंदनीय है। खट्टर ने कहा, मुझे इस बारे में बताया गया। आरोपी अगर दोषी पाया गया तो उसे सजा दी जाएगी। इस मामले पर यह मेरा आधिकारिक पक्ष है। मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि उन्हें चंडीगढ़ पुलिस में पूरा विश्वास है और न्याय अपना काम करेगी।
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






