झारखंड:का गोळीबार निवडणुकीच्या दुसऱ्या टप्प्यात मतदान पोलिस
झारखंड मतदान दरम्यान निवडणुकीच्या दुसऱ्या टप्प्यात मोठी बातमी आकर्षित करतो. मतदान दोन जण जखमी दरम्यान गुमला जिल्ह्यातील Bgni मंडप Sisi या मतदारसंघावर पोलिसांनी केलेल्या गोळीबारात एक खेड्यातील गेला यांना ठार मारले. हिंसा मतदान थांबवले आहे केल्यानंतर. माहिती सांगितले जात आहे ते मतदान ठाण्यात न लागणे करण्यासाठी मिळत आहे. सुरक्षा कर्मचारी अश्फाक नावाच्या जखमी झाले माणूस टाळण्यासाठी प्रयत्न एका मतदान स्टेशनवर आत गोळीबार. खूप रागावतो गावातील दगडफेक केल्यानंतर. स्टोन देखील Sho जखमी. सुरक्षा बलों की फायरिंग में जिलानी अंसारी की मौत हुई है जबकि अशफाक अंसारी और ठुपा अंसारी घायल हैं. बघनी गांव में भारी मात्रा में पुलिस की तैनाती की गई है.

मतदाताओं का आरोप है कि उन्हें वोट देने से जबरन रोका गया जिसके बाद लोगों ने यहां पथराव शुरू कर दिया. इधर चुनाव आयोग ने फायरिंग की इस घटना पर संज्ञान लिया है और पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है. निर्वाचन आयोग के पदाधिकारी फायरिंग वाले मतदान केंद्र पर पहुंच गए हैं. ग्रामीणों द्वारा पत्रकार पर भी हमला हुआ है. आसपास के इलाके को सील कर दिया गया है. CRPF बटालियन गांव में पहुंच गयी है.

गुमला के एसपी ने बताया कि सिसई के बूथ नंबर 36 पर मतदान बाधित होने की खबर मिली है. यहां वोटरों की ओर से मतदान केंद्र पर पथराव किया गया है. पुलिस फायरिंग की सूचना मिली है. बताया गया है कि यहां वोटरों ने वोट देने से रोकने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा बलों पर अचानक पथराव शुरू कर दिया है. पुलिस बल ने यहां आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की है. पुलिस के मुताबिक मतदान कर्मी खुद को बचाने के लिए बूथ से भागकर एक कमरे में बंद हो गए हैं. एसपी ने कहा कि अतिरिक्त पुलिस बल मतदान केंद्र पर भेजे जा रहे हैं.

गुमला के सिसई में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई है. इस झड़प में आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. साथ ही पत्रकार सीताराम साहू भी पथराव में घायल हुए हैं. वहीं गोली लगाने वाले जिलानी नामक युवक की मौत के बाद गांव वालों में आक्रोश का माहोल हैं. और इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है. अस्पताल में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं. अस्पताल के चिकित्सक ने उपायुक्त को घटना की जानकारी देते हुए सुरक्षा व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की है. दूसरी ओर मनोहरपुर में नक्सलियों के डर से एक भी मतदाता वोट देने मतदान केंद्र नहीं पहुंचे.
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