گھر سماجی میڈیا دلتوں کے ساتھ ایسا انصاف کیوں نہیں کرتا؟, "ہر ہر مودی وہ وزیر اعظم تھے جو گجرات میں بے گھر ہونے والے تھے"
سماجی - حالت - جنوری 16, 2018

میڈیا دلتوں کے ساتھ ایسا انصاف کیوں نہیں کرتا؟, "ہر ہر مودی وہ وزیر اعظم تھے جو گجرات میں بے گھر ہونے والے تھے"

نئی دہلی. बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती ने सोमवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर ईवीएम को लेकर सवाल किया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने में घबराहट क्यों है? मुख्य चुनाव आयुक्त को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए क्योंकि जनता के साथ वादा खिलाफी की आवाज चारों तरफ से उठने लगी है।

मायावती ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि ‘हर-हर मोदी, घर-घर मोदीवाले नरेंद्र मोदी जी इस बार गुजरात में बाहर होते-होते बचे हैं. गुजरात में अगर दलितों का 18 سے 20 फीसदी वोट होता तो फिर वह बाल-बाल नहीं बच पाते. ऊना कांड ही मोदी को बेघर कर देता.

‘संविधान बदलना चाहती और बीजेपी सरकार

मायावती ने मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार संविधान और कानून बदलना चाहती है. उनकी सरकार के मंत्री कहते हैं कि देश का संविधान बदला जाएगा, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ईवीएम में गड़बड़ी के कारण भाजपा के नेता निरंकुश हो गए हैं। अगर भाजपा के लोग खुद को ईमानदार और दूध का धुला मानते हैं तो फिर यह लोग आने वाले सभी चुनाव बैलट पेपर से करवाने से घबराते क्यों है?

‘विधानसभा चुनाव के साथ लोकसभा चुनाव भी करा सकती है बीजेपी

मुख्य चुनाव आयुक्त को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए, वरना इनके लिए चुनाव कराना खानापूर्ति करना होगा और जनता के साथ वादा खिलाफी की आवाज भी अब चारों तरफ से उठने लगी है। उन्होंने कहा कि ऐसी संभावना है कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनावों के साथ साथ लोकसभा चुनाव भी करवा सकती है।

‘कांग्रेस और बीजेपी चोर-चोर मौसेरे भाई

मायावती ने कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस और बीजेपी ने हर वर्ग को नुकसान पहुंचाया है. आज हर राज्य में सांप्रदायिक और जातिवाद का माहौल बनाया जा रहा है. कांग्रेस और भाजपा चोर-चोर मौसरे भाई हैं. अंबेडकरवादी पार्टी बसपा को पूंजीवादी सोच वाली पार्टियां बढ़ते हुए नहीं देखना चाहतीं. पहले कांग्रेस एंड कंपनी और अब बीजेपी एंड कंपनी हमें खत्म करने की कोशिश कर रही है.

‘कांग्रेस ने बाबा साहेब को भारत रत्न से क्यों नहीं किया था सम्मानित

मायावती ने कहा कि उन्हें राज्यसभा में बोलने नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्होंने इस्तीफा दिया। इसी तरह बाबा साहब भीमराव आम्बेडकर को भी परेशान किया गया था, जिसके चलते उन्होंने कानून मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। मायावती ने कहा कि उनके इस्तीफे से लोगों को अब समझ आ गया है। यही कारण है कि स्थानीय निकाय चुनाव में उन्हें बड़ी सफलता मिली। उन्होंने कहा कि मैं खासकर कांग्रेस पार्टी से ये जानना चाहती हूं कि बाबा साहेब को भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया था।

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