Home Social कासगंज हिंसा को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर गरजीं बीएसपी सुप्रीमों
Social - State - Uttar Pradesh & Uttarakhand - January 30, 2018

कासगंज हिंसा को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर गरजीं बीएसपी सुप्रीमों

नई दिल्ली। कासगंज हिंसा ने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। तीन दिन तक लगातार जलते रहे कासगंज पर काबू करने में नाकाम रहे प्रशासन पर नाकामी का धब्बा लगा दिया है। बीएसपी सुप्रीमों और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कासगंज हिंसा को लेकर योगी सरकार पर हमला बोला है।

मायावती ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि मौजूदा हालात से साबित होता है कि भाजपा एंड कंपनी का हर स्तर पर ‘घोर अपराधीकरण’ हो चुका है। मायावती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान तथा महाराष्ट्र आदि में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के साथ-साथ जनहित तथा विकास का बुरा हाल है।

उन्होंने कासगंज में हुए उपद्रव का जिक्र करते हुए कहा कि सूबे में जंगलराज है इसका ताजा उदाहरण कासगंज की घटना है। उन्होंने कहा बसपा इसकी कड़ी निन्दा के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा देने की मांग करती है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा और उससे जुड़े अन्य संगठनों का अपराधीकरण हो जाने का ही दुष्परिणाम है कि देश में आज हर जगह हिंसा और अपराध की घोर अव्यवस्था कायम है। अदालतें दोषियों को सजा नहीं दे पा रही हैं क्योंकि सरकारी गवाहों को भाजपा की सरकारें सुरक्षा नहीं दे पा रही हैं। गवाहों की खुलेआम हत्या हो रही हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी समेत कई राज्यों में विभिन्न अपराधों, हिंसा तथा साम्प्रदायिक दंगों के आरोपी भाजपा नेताओं पर से मुकदमे वापस लेकर जंगलराज को सरकारी तौर पर स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे देश की समूची आपराधिक न्याय व्यवस्था पटरी से उतर गई लगती है। मायावती ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के बार-बार के स्पष्ट निर्देंशों के बावजूद फिल्म पद्मावत पर भाजपा सरकारों तथा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का रवैया यह साबित करने को काफी है कि भाजपा और उसकी सरकारें किसी ना किसी रूप में जातिवादी तथा साम्प्रदायिक हिंसा एवं हिंसक प्रवृति को बढ़ावा देना जारी रखना चाहती हैं।

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