Home Language Hindi दिल्ली दंगों को भड़काने के लिए कपिल मिश्रा को मिली y+ श्रेणी की सुरक्षा
Hindi - Political - Politics - March 4, 2020

दिल्ली दंगों को भड़काने के लिए कपिल मिश्रा को मिली y+ श्रेणी की सुरक्षा

दिल्ली हिंसा मे जिसका सबसे बड़ा हाथ था, जिसने भड़काऊ बयान दिया था और जिसके कारण इतने लोग मरे आज उस अपराधी को ही Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है. जिस कपिल मिश्रा पर दिल्ली हिंसा से पहले भड़काऊ भाषण देने का आरोप है अब उस आरोपी माने जाने वाले को ही y+ श्रेणी की सुरक्षा सरकार की ओर से दे दी गई है. इस हिंसा में अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है और 350 से अधिक लोग घायल हुए हैं. मिश्रा को Y+श्रेणी की सुरक्षा मिलने पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जाहिर किया है.

दरअसल, Y स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में 11 सुरक्षाकर्मी मिले होते हैं. इनमें 1 या 2 कमांडो और 2 पीएसओ भी शामिल होते हैं. यह सुरक्षा देश के वीआईपी लोगों को दी जाती है. लेकिन दिल्ली हिंसा को भयावह रुप देने और उसकी शुरुआत करने में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा को ऐसी सुरक्षा दे दी गई है जो सिर्फ देश के वर्तमान प्रधानमंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्री के उनके किसी करीबी को दी जाती है.

वहीं इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्विटर पर कपिल मिश्रा पर तंज कसते हुए लिखा कि कपिल मिश्रा को सुरक्षा के साथ-साथ दिल्ली के दंगों के लिये शान्ति पुरस्कार भी प्रदान किया जाना चाहिये. इसके बाद कांग्रेस प्रवक्ता रोहन गुप्ता ने भी लिखा कि कपिल मिश्रा को मिला दंगे भडकाने का इनाम. बीजेपी ने दंगाई, बलात्कारी, भ्रष्टाचारी और अपराधियों को प्रोत्साहन देकर सांसद, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री तक बनाया है. क्योंकि सुशासन देने में विफ़ल बीजेपी को सत्ता बचाने के लिए धनबल और बाहूबल का साथ होना मजबूरी है.

हालांकि गृह मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि कपिल मिश्रा को दिल्ली पुलिस ने y+ श्रेणी की सुरक्षा नहीं दी है और इसके बारे में गृह मंत्रालय को कोई सूचना नहीं थी. इसके साथ ही कांग्रेस का कहना है कि कपिल मिश्रा जैसे नेताओं के खिलाफ अब तक मामला क्यों नहीं दर्ज किया गया है. कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने भी अदालत में बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर, प्रवेश वर्मा और कपिल मिश्रा के खिलाफ एफ आई आर दर्ज करने के लिए याचिका दायर की थी.

बता दें कि इससे पहले दिल्ली हिंसा पर एस मुरलीधर ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाई थी और कपिल मिश्रा जैसे भड़काऊ नेताओं पर केस दर्ज करने के लिए कहा था. जिसके बाद उनका तबादला कर दिया गया. इससे माना जा सकता है कि जब केंद्र सरकार देश के कानून को ही संविधान अनुसार नही चलने दे रही तो कपिल मिश्रा जैसे आरोपियों को सुरक्षा मुहैया कराना तो उनके लिए काफी छोटी बात है.

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