घर भाषा हिंदी देशात खालावत परिस्थिती दरम्यान पंतप्रधान जुळवून घेणारा विधान
हिंदी - राजकारण - फेब्रुवारी 18, 2020

देशात खालावत परिस्थिती दरम्यान पंतप्रधान जुळवून घेणारा विधान

पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी रविवारी वाराणसी दौरा येथे आगमन. येथे त्याने काशी वाराणसी महाकाल एक्सप्रेस पुढे. इस दौरान उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के प्रदर्शनकारियों पर जमकर हमला बोला. तो जगभरातील सरकार CAA आणि जम्मू-काश्मीर लेख दबाव असूनही, असे ते म्हणाले 370 निर्णय काढण्यासाठी आणि सुरू राहील सेट केलेला आहे.

वाराणसी मध्ये लाँच आणि पाया केल्यानंतर पंतप्रधान होणार आहे आपल्या देशात आज निर्णय असल्याचे सांगितले जे कदाचित कधीच इतिहासात. आज वह फैसले लिए जा रहे है जिन फैसलों को नजरअंदाज कर दिया जाता था. उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार ने वह सभी फैसले लिए है जिनका देश को वर्षों से इंतजार था. कड़ी मुश्किलातों के बावजूद हमने यह कर दिखाया और कई बड़े फैसले देश के हित में लिए.

बता दें कि ऐसे समय में जब देश के कई राज्यों में सीएए और एनआरसी के विरोध में भारी प्रदर्शन चल रहा है, प्रधानमंत्री का यह बयान बेहद ही निंदनीय माना जा रहा है.

गौरतलब है कि बीते दो महिनों से नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है. शाहीन बाग में भी महिलाओं ने धरना प्रदर्शन कर रखा है.

इससे पहले दिसंबर महीने में भी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इस कानून के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हुए जिसने हिंसक रूप ले लिया, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बस, बाइक, गाड़ियों और यहां तक की सड़कों पर आगजनी तक की जिससे हालात बिगड़ते चले गए. वहीं इन सबके दौरान दिल्ली पुलिस ने भी जामिया कैंपस में घुसकर छात्रों पर जमकर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. इसके बाद यूपी प्रशासन ने कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी थी.

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