ملک کی بگڑتی صورتحال کے درمیان وزیراعظم کا قابل مذمت بیان
وزیر اعظم نریندر مودی اتوار کو وارانسی پہنچے. یہاں انہوں نے وارانسی سے کاشی مہاکال ایکسپریس کو ہری جھنڈی دکھائی۔. اس دوران انہوں نے شہریت ترمیمی قانون اور نیشنل رجسٹر آف سٹیزن کے مظاہرین پر شدید حملہ کیا۔. उन्होंने कहा कि दुनिया भर के तमाम दबावों के बावजूद उनकी सरकार सीएए और जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के फैसलों पर कायम है और आगे भी रहेगी.
पीएम मोदी ने वाराणसी में सभी लोकार्पण और शिलान्यास के बाद कहा कि हमारे देश में आज ऐसे फैसले भी लिए जा रहे है जो इतिहास में शायद कभी नही लिए गए. आज वह फैसले लिए जा रहे है जिन फैसलों को नजरअंदाज कर दिया जाता था. उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार ने वह सभी फैसले लिए है जिनका देश को वर्षों से इंतजार था. कड़ी मुश्किलातों के बावजूद हमने यह कर दिखाया और कई बड़े फैसले देश के हित में लिए.
बता दें कि ऐसे समय में जब देश के कई राज्यों में सीएए और एनआरसी के विरोध में भारी प्रदर्शन चल रहा है, प्रधानमंत्री का यह बयान बेहद ही निंदनीय माना जा रहा है.
गौरतलब है कि बीते दो महिनों से नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश में बवाल मचा हुआ है. शाहीन बाग में भी महिलाओं ने धरना प्रदर्शन कर रखा है.
इससे पहले दिसंबर महीने में भी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में इस कानून के खिलाफ जमकर प्रदर्शन हुए जिसने हिंसक रूप ले लिया, इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बस, बाइक, गाड़ियों और यहां तक की सड़कों पर आगजनी तक की जिससे हालात बिगड़ते चले गए. वहीं इन सबके दौरान दिल्ली पुलिस ने भी जामिया कैंपस में घुसकर छात्रों पर जमकर लाठियां और आंसू गैस के गोले बरसाए. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी पुलिस और छात्रों के बीच झड़प हुई. इसके बाद यूपी प्रशासन ने कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी थी.
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مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…









