گھر بین اقوامی سیاسی ایودھیا کیس پر سپریم کورٹ نے اپنا آخری فیصلہ سنایا !
سیاسی - سیاست - نومبر 9, 2019

ایودھیا کیس پر سپریم کورٹ نے اپنا آخری فیصلہ سنایا !

سپریم کورٹ کے 5 ججوں کی بنچ نے آج… 9 نومبر 2019 को अयोध्या केस पर फैसला सुनाया. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 45 मिनट तक फैसला पढ़ा और कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाया जाए और इसकी योजना 3 महीने में तैयार की जाए. कोर्ट ने 2.77 एकड़ की विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया और कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन आवंटित की जाए. वहीं वरिष्ठ पर्कार प्रोफेसर दिलीप मंडल ट्विटर पर लिखते हैं कि . आज मंदिर की बात न करें. मंदिर उनका एजेंडा है. उनके मैदान में न खेलें. न पक्ष में, न विपक्ष में. चर्चा को अपने मैदान में लाएं. हमें राम मंदिर से कोई मतलब नहीं .हम अपने अधिकार चाहते हैं .

वहीं वरिष्ठ पर्कार प्रोफेसर दिलीप मंडल ट्विटर पर लिखते हैं कि आज मंदिर की बात न करें. मंदिर उनका एजेंडा है. उनके मैदान में न खेलें. न पक्ष में, न विपक्ष में. चर्चा को अपने मैदान में लाएं. हमें राम मंदिर से कोई मतलब नहीं .हम अपने अधिकार चाहते हैं .

MandalVsKamandal

वरिष्ठ पत्रकार महेंनद्र यादव ट्विटर पर लिखते हैं कि

सुप्रीम कोर्ट ने विवादित जमीन में से 2.7 एकड़ जमीन राम जन्मभूमि ट्रस्ट को दी. ये बात मीडिया नहीं बता रहा क्योंकि ये सब हैMandalVsKamandal

वे एक और ट्विटर कर लिखते हैं कि आज के दिन को विश्वास दिवस के रूप में मनाने के आरएसएस के सुझाव का स्वागत है, लेकिन कोशिश होनी चाहिए कि इस विश्वास दिवस में वो महिलाएं भी शामिल हों, जिनकी केरल के सबरीमाला मंदिर में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रवेश करते समय पिटाई हुई थी.

महेंद्र यादव आगे लिखते हैं कि

MandalVsKamandal ये कहना गलत थाकि सारे देश की निगाहें इस फैसले पर लगी हैं. जिनके लोग एनकाउंटर में मारे गए,उनके यहां मातम है. झांसी के पुष्पेंद्र यादव के गांव में मातम है, नोएडा का जितेंद्र यादव बेड पर है। पुलिस हिरासत में मारे गए बदायूं के बृजेंद्र शाक्य के घर पर मातम है।

बहुजनों की आवाज टीवी चैनल नहीं उठाते इसपर महेंद्र यादव ट्विटर लिखते हैं कि

MandalVsKamandकी ही लड़ाई है, इसीलिए कोई चैनल आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एससी-एसटी-ओबीसी के पक्ष को, مزدور, नौकरी खातमे के शिकारों और आदिवासियों-किसानों के पक्ष पर कुछ नहीं बोलने देना चाहता. खैर अब बीजेपी को कोई नया मुद्दा जल्दी से ढूंढ लेना चाहिए इस मुद्दे ने तो उनका सत्ता में आने में बहुत साथ दिया है.

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