ઘર આંતરરાષ્ટ્રીય રાજકીય રામ મૂર્તિ પર 447 કરોડોનો ખર્ચ કરીને યોગી સરકાર અટકી?
રાજકીય - રાજનીતિ - નવેમ્બર 3, 2019

રામ મૂર્તિ પર 447 કરોડોનો ખર્ચ કરીને યોગી સરકાર અટકી?

440 રામની પ્રતિમા બનાવવા માટે યોગી સરકાર કરોડો રૂપિયાનો ખર્ચ કરશે. હવે રાજ્યમાં કોઈ બાળક ઓક્સિજનને કારણે મૃત્યુ પામે નહીં.. હવે કોઈ દલિત છોકરી ભાત બોલતા ભૂખે મરશે નહીં.. હવે દરેકને મળશે રોજગાર, હવે રાજ્યમાં ગુના નહીં થાય.. योगी जी सरकार का कार्य स्कूल और अस्पताल बनवाना भी होता है?उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या में राम की विशालकाय प्रतिमा स्थापित करने के लिए 447 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. राम की यह प्रतिमा दुनिया में सबसे ऊंची होगी. इस प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर होगी. इस पैसे से ही 61 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. यह राशि निर्माण के लिए तकनीकी अध्ययन करने के लिए इस वर्ष की शुरुआत में स्वीकृत 200 करोड़ रुपये के अलावा है. राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया. इसके अलावा राज्य मंत्रिमंडल ने राम की प्रतिमा के संबंध में कोई भी निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री को ‘अधिकृत किया है. गौरतलब है कि रामजन्मभूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट के बहुप्रतीक्षित फैसले पर देशभर की नजर है.


वहीं वरिष्ठ पत्रकार और फारवर्ण प्रैस के संपादक सिद्दार्थ रामू अपनी फेसबुक वांल पर लिखते हैं कि द्विज मर्दों के नायक राम की मूर्ति के लिए 447.46 करोड़ रूपए खर्च करने का औचित्य क्या है.
द्विज हिंदू मर्दों के आदर्श नायक या ईश्वर दशरथ पुत्र श्रीराम की 252 फीट ऊंची मूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश जैसे गरीब और बदहाल राज्य की जनता की 447.46 करोड़ की गाढ़ी कमाई को खर्च करने का औचित्य क्या है?याद रहे दशरथ पुत्र राम ने ब्राह्मण और गाय के हितों के लिए मनुष्य अवतार लिया था.

.”विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार।
निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गो पार ।।

इतना ही नहीं उन्होंने स्वयं यह भी कहा है कि उन्हें द्विज सबसे प्रिय हैं.

सब मम प्रिय सब मम उपजाए।
सब ते अधिक मनुज मोहि भाए॥2॥

तिन्ह महँ द्विज द्विज महँ श्रुतिधारी।
तिन्ह महुँ निगम धरम अनुसारी॥

वर्ण-व्यवस्था का उल्लंघन करने के लिए दशरथ पुत्र श्रीराम ने शंबूक का बध किया. यह तो जगहजाहिर ही है. सीता के चरित्र को कलंकित करके घर से निकाल देना. इससे भी सब परिचित ही हैं. बजट का रोना रोते हुए , 42000 होमगार्ड को नौकरी से निकाल दिया गया था. वही मूर्ति और उससे जुड़े व्यवसाय के लिए 447.46करोड़ रुपए एक झटके में मंजूर कर दिए. जैसे ये सारा पैसे इनही का है. ત્યાં જ 42000 होमगार्ड वावर्दी हाथों में कटोरा लेकर सड़को पर भीख मांगने नजर आ रहे हैं देश में भुखमरी के हालात है लोगों पर खाने को नहीं है रोजगार का नामोनिशान नही है बच्चे कुपोषण का शिकार है भैयंकर मंदी है न जाने ऐसी कितनी तमाम सम्सया3ओं से हमारा देश जूझ रहा है लेकिन मंदिर और मूर्ति सरकार के लिए सबसे अहम मुद्दा है पहले उसी पर काम होगा बाकी सब बाद में देखा जाएगा.

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