प्रद्युम्न प्रकरणाने नवे वळण घेतले, आरोपी अकरावीच्या विद्यार्थ्याने बदलले बयान
करून- Aqil रझा
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई प्रद्युम्न की हत्या का मामला सुलझने के बजाए उलझता जा रहा है. अब सीबीआई द्वारा आरोपी बनाए गए 11वीं के छात्र के बयान से इस केस में एक नया मोड़ आ गया है. आरोपी छात्र ने सीबीआई को दिए अपने पहले के बयान से मुकरते हुए जांच एजेंसी पर ही गंभीर आरोप लगा दिया है.
प्रद्युम्न हत्या मामले में सीबीआई द्वारा हिरासत में लिया गया छात्र लगातार अपने बयान बदल रहा है। दो दिन पहले जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कहा था कि आरोपी 11वीं के छात्र ने प्रद्युम्न की हत्या की बात कबूल कर ली है। बोर्ड ने यह भी बताया कि छात्र ने कैसे उसकी हत्या की। बाद में आरोपी छात्र अपने बयान से पलटता नजर आया और उसने चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी (सीपीओ) को बताया कि उसे जान बूझकर इसमें फंसाया जा रहा है और उसने किसी की हत्या नहीं की है।
तो वहीं आरोपी 16 वर्षीय छात्र के पिता ने भी उनके बेटे को फंसाने का आरोप लगाया है. आरोपी के पिता ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से बातचीत में कि उनके बेटे को अपराध स्वीकार करने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है, जो उसने किया ही नहीं है। उन्होंने कहा कि सीबीआई अधिकारी अपराध स्वीकार नहीं करने पर उनके पूरे परिवार को गोली मारने की धमकी दे रही थी। उन्होंने कहा कि सीबीआई की इस धमकी के बाद उनके बेटे ने अपराध स्वीकार कर लिया।
फिलहाल प्रद्युम्न केस में 2 बातें निकलकर सामने आ रही हैं. 8 नवंबर को छात्र को हिरासत में लिए जाने के समय सीबीआई ने कहा था कि छात्र ने अपने पिता और जांचकर्ताओं के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। और सीपीओ ने बताया कि आरोपी छात्र ने कहा कि उसने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह डर गया था। सीपीओ ने ये भी कहा कि ‘जांचकर्ताओं ने उसे मारा-पीटा और प्रताड़ित किया था।
लेकिन सीबीआई ने प्रवक्ता ने प्रताड़ना के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रवक्ता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा, ‘सीबीआई इस तरह के हथकंडे किसी पर इस्तेमाल नहीं करती है। आरोपी छात्र ने अपने पिता और वेलफेयर अधिकारी के सामने अपना अपराध कबूल किया था।’ अब ऐसे में सवाल इस बात का है कि पहले हरियाणा पुलिस ने बस कंड्टर को दोषि करार दिया था. जिसके बाद सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की कार्रवाई को ठुकराते हुए हत्या का आरोपी 11वी के छात्र को बताया, लेकिन अब इस तरह की बात सामने आने के पीछे मामले को उलझाने की कोशिश तो नहीं की जा रही है?
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