’آر ایس ایس کے وزیر اعظم نے مدر انڈیا سے جھوٹ بولا‘, راہل گاندھی کا نریندر مودی پر شدید حملہ, لوگوں نے کہا- تم دودھ کی طرح ہو
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने बीबीसी हिंदी के एक वीडियो के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया मोदी झूठ बोलते हैं। दरअसल एनआरसी और सीएए पर देशभर में भारी विरोध प्रदर्शन के चलते हाल के दिनों में पीएम मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली में इस मुद्दे पर सरकार के रुख की स्थिति साफ की। उन्होंने कहा कि विपक्ष और अर्बन नक्सल सीएए और एनआरसी पर भ्रम फैला रहा है। लोगों को डिटेंशन सेंटर के नाम पर डराया जा रहा है।
मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए दावा कि जो भारत का नागरिक है उसे देश से नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, ‘ऐसा कोई चर्चा हुई ही नहीं है कि देश में एनआरसी लागू होग। एनआरसी सिर्फ असम लागू हुआ, वो भी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद। देश में कहीं भी किसी भी नागरिक को डिटेंशन सेंटर में नहीं रखा गया। सच तो यह कि देश में कहीं कोई डिटेंशन सेंटर ही नहीं हैं।’
पीएम मोदी के इन्हीं बयानों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने बीबीसी का वीडियो शेयर करते हुए कहा कि आरएसएस का प्रधानमंत्री भारत माता से झूठ बोलता है। राहुल गांधी ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें बताया गया कि असम में डिटेंशन सेंटर्स हैं। वीडियो में असम का वो मडिया गांव भी दिखाया गया, जहां से सड़क डिटेंशन सेंटर की तरफ जाती है। वीडियो में पीएम मोदी का वो क्लिप भी नजर आता है, जिसमें वो कह रहे हैं, ‘अभी भी मैं यहीं कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सल द्वारा उड़ाई गई डिटेंशन सेंटर की अफवाहें बिल्कुल झूठ हैं। बदइरादे वाली है। देश को तबाह करने के नापाक इरादों से भरी पड़ी है। ये झूठ है…झूठ है…झूठ है।’
वीडियो में बताया गया कि मोदी के दावे की पड़ताल के लिए बीबीसी के पत्रकार शाहजहां अली एक बार फिर उसी जगह पर पहुंचे जहां ये सेंटर्स बने हैं। पत्रकार ने कहा कि डिटेंशन सेंटर अभी भी हैं। 46 करोड़ रुपए खर्च करके भारत सरकार ये सेंटर बना रही है। पत्रकार ने कहा कि पीएम मोदी ने डिटेंशन सेंटर बहुत झूठ बोला है। इन सेंटर्स के काम को पूरा करने की तारीफ 31 دسمبر, 2019 تھا, جس میں اضافہ کر کے 31 اس دھمکی کے دوران سوشلسٹ فیکٹر کے ایڈیٹر, 2019 किया गया।
केंद्रीय गृह मंत्रालय में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने 2 جولائی 2019 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में भी बताया था कि असम में इस समय कुल छह डिटेंशन सेंटर हैं। इन सेंटर में 25 جون 2019 तक में कुल 1,133 लोगों को रखा गया है, जिसमें से 769 लोग पिछले तीन सालों से रह रहे हैं। ये 6 डिटेंशन सेंटर असम के गोलपाड़ा, कोकराझार, सिल्चर, ڈبروگڑھ, जोरहाट और तेजपुर में है। इनमें महिला और पुरुष के अलावा बच्चों को भी बंदी बनाकर रखा जाता है।
बता दें कि राहुल गांधी के ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी है। ट्विटर यूजर दीपक जैन लिखते हैं, ‘ये निकले दूध के धुले।’ नीतीश कुशवाहा लिखते हैं, ‘तुझसे ज्यादा झूठा कोई नहीं है।’ एक यूजर लिखते हैं, ‘झूठ बोले वोटर चुनाव हराए। अगली बार लोकसभा ना देख पाए।’
किला फतह नाम से एक यूजर लिखते हैं, ‘आरएसएस का प्रधानमंत्री झूठा है…उसने आजतक सच नहीं बोला।’ एक यूजर लिखते हैं, ‘आरएसएस का प्रधानमंत्री सारे देश को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहा है।’ यश मेघवाल लिखते हैं, ‘RSS का प्रधानमंत्री सूर्यग्रहण देखने के लिए उत्सुक है, लेकिन जनता की परेशानियों से निपटने की बात आती है तब विदेश भ्रमण पर निकल जाता है।’
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…








