आरएसएस प्रमुखांनी लष्कराचा अपमान केला, राहुल गांधी यांनी चोख प्रहार केला
नवी दिल्ली. लगातार विवादित बयानों के जरिए सुर्खियों में रहने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इस बार भारतीय सेना को बड़ा बयान दिया है। मोहन भागवत ने कहा कि सेना को सैन्यकर्मियों को तैयार करने में छह-सात महीने लग जाएंगे, लेकिन संघ के स्वंयसेवकों को लेकर यह तीन दिन में तैयार हो जाएगी।

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने कहा कि अगर जरुरत पड़ी तो देश के लिए लड़ने की खातिर आरएसएस के पास तीन दिन के भीतर सेना तैयार करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि यह उनकी क्षता है पर हम वो सैन्य संगठन नहीं है परिवारिक संगठन हैं लेकिन संघ में मिलिट्री जैसा अनुशासन है, अगर कभी देश को जरुरत हो और संविधान इजजात दे तो स्वंयसेवक मोर्चा संभाल लेंगे।
वहीं मोहन भागवत के इस बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हमला बोला है। राहुल ने एक ट्वीट के जरिए कहा कि संघ प्रमुख ने अपने भाषण में सभी भारतीयों और उन लोगों का अपमान किया है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दी है, मोहन भागवत को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। लेकिन सवाल इस बात का है कि हर सियासत से ऊपर उठकर सरहद पर अपनी जिंदगी को दांव पर लगाकर देश की रक्षा करने वाली सेना की इस तरह से तुलना करके अपमानित करना कितना बाजिव है?
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