Home State Delhi-NCR मोदी सरकार के खिलाफ राष्ट्र मंच से बोले यशवंत, शत्रुघ्न सिंहा ने कहा “सच कहना बगावत है तो में बागी हूं”
Delhi-NCR - Social - State - January 31, 2018

मोदी सरकार के खिलाफ राष्ट्र मंच से बोले यशवंत, शत्रुघ्न सिंहा ने कहा “सच कहना बगावत है तो में बागी हूं”

Aqil Raza~

बीजेपी से बाघी चल रहे वरिष्ठ पार्टी नेता यशवंत सिन्हा ने मंगलवार (30 जनवरी, 2018) को एक राष्ट्र मंच शुरू किया। इसमें बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के नेतृत्व में कई नेता शामिल हुए। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि उनका संगठन राष्ट्र मंच एक राजनैतिक कार्रवाई समूह है। यह केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन शुरू करेगा।

यशवंत सिन्हा ने मौजूदा स्थिति की तुलना 70 साल पहले के समय से की जब महात्मा गांधी की 30 जनवरी के ही दिन हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और उसकी संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों को ‘भिखारियों की स्थिति’ में ला दिया है। उन्होंने सरकार पर अपने हितों के अनुरूप ‘मनगढ़ंत’ आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया।

उन्होंने आर्थिक और विदेश नीतियों के लिए सरकार पर हमले किए। उन्होंने कहा, ‘डर में जी रहे हैं पूरे देश के लोग, पर भाजपा में सबसे ज्यादा डरे हुए हैं, हम नहीं।’ उन्होंने कहा कि देश में संवाद और चर्चा ‘असभ्य, एकतरफा और खतरनाक’ हो गई है। उन्होंने दावा किया, ‘ऐसा लगता है कि भीड़ का काम न्याय देने का हो गया है।’

उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र के पहले चरण में प्रभावी रूप में सिर्फ चार कामकाजी दिन होंगे। यह अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दे को उठाना उनके संगठन की शीर्ष प्राथमिकता होगी। वरिष्ठ नेता ने हालांकि दावा किया कि राष्ट्र मंच एक गैर दलीय राजनैतिक कार्रवाई समूह होगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मंच किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है और राष्ट्रीय मुद्दों पर जोर देने के लिए वह कार्य करेगा। उन्होंने कहा, ‘यह कोई संगठन नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय आंदोलन है।’

वहीं बीजेपी सासद शत्रुघ्न सिंहा ने भी मोदी सरकार की नीतियों की जमकर आलोचना की, उन्होंने कहा कि सच कहना बगावत है तो में बागी हूं, हमारे संवाददाता ने जब उनसे मोदी के रोज़गार के नाम पर पकोड़े वाले बयान पर पूंछा, तो उन्होंने कहा कि में इस तरह की बातों पर सिर्फ हंस ही सकता हूं, इसके अलावा क्या कर सकता हूं, सिंहा का मतलब साफ है कि इस तरह के गैरजिम्मेदाराना बयान हंसने सिर्फ हंसने के पात्र हैं।

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