‘2 अप्रैल को भारत बंद’ क्या बहुजन क्रांति को धार देगा यह आंदोलन?
By: बी एल बौद्ध
विमर्श। कल तक हमारे युवाओं का यह कहकर मजाक उड़ाया जाता था कि ये सोशल मीडिया के शेर हैं.इनकी दुनिया व्हाट्सएप्प और फेसबुक तक ही सीमित है, लेकिन आज पूरा बहुजन समाज हमारे इन सोशल मीडिया के शेरों को सैल्यूट कर रहा है कि इन्होंने वो कार्य करके दिखा दिया जिसके लिए बाबा साहेब अंबेडकर ने सपना देखा था एवं सपना ही नहीं देखा था बल्कि बाबा साहेब का सच्चा सन्देश था कि समाज को संगठित करो और संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करो। आज हमारे इन योद्धाओं ने पूरे समाज को एक जाजम पर लाकर बैठा दिया है यह कोई छोटा काम नहीं है बल्कि महान काम है।
हमारे लोगों से कल तक बिल्ली भी नहीं डरती थी,लेकिन आज भारत के सबसे बड़े प्रदेश का मुख्यमंत्री हमारे नौजवानों से थर थर कांप रहा है और कह रहा है कि चंद्रशेखर रावण को जेल में रखना जरूरी है वरना राष्ट्रीय सुरक्षा को बहुत बड़ा खतरा बढ़ जायेगा।कल तक हमारे युवाओं को कीड़ा मकोड़ा समझा जाता था लेकिन आज उन्हें शेर समझकर जेल रूपी पिंजरे में रखने पर मजबूर होना पड़ रहा है. यह सब सोशल मीडिया का ही कमाल है,हमें गर्व है सोशल मीडिया के इन शेरों पर।

आज हमारे बहादुर नौजवान साथी व्हाट्सएप्प और फेसबुक की दुनिया से बाहर निकलकर खूले मैदान में आ चुके हैं और बाबा साहेब को विश्वास दिला रहे हैं कि हे बाबा साहेब आपने कहा था कि जिस कौम में कुर्बानी देने वाले पैदा नहीं होंगे तब तक वह कौम कभी आगे नहीं बढ़ सकती है,लेकिन हे बाबा साहेब अम्बेडकर आज आप एक बार हमारी ओर देखो तो सही, हम लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों की संख्या में अपने आपको कुर्बान करने के लिए तैयार खड़े हैं।
कई लोगों का कहना है कि 2 अप्रैल के भारत बन्द से आप लोगों को क्या मिलेगा ? अरे बेवकूफों तुम्हें नहीं मालूम कि हमें इस भारत बन्द से क्या मिलेगा,लेकिन 2 अप्रैल तो अभी दूर है उससे पहले ही हमें हमारे बिछड़े हुए भाई मिल चुके हैं। एक भाई अध्यापक, दूसरा फौजी, तीसरा बैंक में बाबू, चौथा किसान और पांचवा मजदूर होने से वे दुश्मन नहीं हो जाते हैं बल्कि रहते भाई ही हैं,लेकिन साजिश के तहत हम भाईयों को एक दूसरे का दुश्मन बना दिया और अनेक जातियों में बांट दिया गया लेकिन इस भारत बन्द के मौके पर हम सभी भाई एक साथ वापिस लौटकर एक जाजम पर बैठकर अपना दुख सुख एक दूसरे से साझा कर रहे हैं, इससे हमें कितनी खुशी मिली है वो हमारे अलावा वही समझ सकता है जिसका भाई उससे कभी बिछड़ा हो और लम्बे समय बाद अचानक से उसे वापिस मिल गया हो।
एक कहावत है कि भाई से बढ़कर कोई दोस्त नहीं हो सकता है और भाई से बढ़कर अन्य कोई दुश्मन नहीं हो सकता है। आज तक हम भाई होकर भी दुश्मन बने हुए थे लेकिन इस भारत बन्द ने पुनः भाइयों को दोस्त बना दिया है और जब भाई दोस्त बनकर साथ निभाता है तो दुश्मन थर थर कांपने लग जाता है।

साथियों, इस भारत बन्द के माध्यम से एक नये इतिहास की शुरूआत होने जा रही है इसलिये जो कुछ भी हो जाये 2 अप्रैल को स्कूलों, कॉलेजों,अस्पतालों एवं सरकारी कार्यालयों को छोड़कर सब कुछ बन्द होना चाहिए और जितने भी SC, ST के सरकारी कर्मचारी हैं,वे सामूहिक अवकाश लेकर भारत बन्द में अपनी भूमिका निभाएं .2 अप्रैल को बच्चों एवं बूढ़ों के अलावा कोई भी घर में नहीं रहे,पूरे परिवार सहित बाजारों में पहुंचे। बाजारों को बन्द करवाने की बजाय उन्हें खुलने ही नहीं देना है, सुबह 7 बजे से ही सड़कों पर गश्त लगाना शुरू करना होगा।
आपको विश्वास दिलाते हैं कि आज का युवा पूरी तरह जाग चुका है और 2018 की क्रांति के माध्यम से साथ ही पूरे समाज के सहयोग से बाबा साहेब अंबेडकर के मिशन को बहुत आगे तक लेकर जाएंगे।पहले से भी ज्यादा मजबूत होगा SC, ST एक्ट,हम नहीं कहेंगे बल्कि हमारी ताकत देखकर वे स्वयं ही हमसें करेंगे रिक्वेस्ट।
दिल में हमारे दर्द है
2 अप्रैल को भारत बन्द है।
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