क्रिकेट की दुनियाँ में करिश्मा – 4 गेंद पर बने 92 रन
अगर मैदान में आपको एक ओवर में 20 रन बनाने का लक्ष्य दिया जाए तो ये कोई आसान नहीं कहा जाएगा.
लेकिन अगर आप से कहा जाए कि एक बल्लेबाज़ ने महज़ 4 गेंदों में 92 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिला दी तो क्या कहेंगे? اگرچہ, दिलचस्प ये है कि इतनी कम बॉल में इतने रन बनाने का श्रेय आप बल्लेबाज़ नहीं बल्कि गेंदबाज़ को दीजिए.
ये ‘चमत्कार’ हुआ बांग्लादेश में जहां ढाका सेकेंड डिविज़न क्रिकेट लीग चल रही है. सिटी क्लब क्रिकेट ग्राउंड में एक्सियोम और लालमटिया क्लब के बीच खेला गया मैच किसी अजूबे से कम नहीं रहा. लालमटिया की तरफ़ से पहला ओवर फेंक रहे सुजॉन महमूद ने सिर्फ़ चार गेंद में 92 रन दे डाले. इनमें 65 वाइड रन (13 वाइड बॉल) और तीन नो बॉल से 15 रन शामिल हैं. बाकी 12 रन चार वैध गेंदों से आए.
इस मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए लालमटिया क्लब ने 50 ओवर के मैच में 14 ओवर खेलते हुए 88 रन बनाए. और एक्सियोम क्लब चार गेंद में मैच जीत गया. اگرچہ, ऐसा नहीं कि महमूद को बॉलिंग नहीं आती जो इन्होंने इतना ख़राब ओवर डाल दिया कि चार गेंद में मैच ख़त्म हो गया.
दरअसल लालमटिया क्लब अंपायर के ‘ख़राब’ फ़ैसलों का विरोध कर रहा था और विरोध जताने के लिए इतनी ख़राब बॉलिंग की गई. ढाका ट्रिब्यून ने लालमटिया के जनरल सेक्रेटरी अदनान रहमान दिपॉन के हवाले से कहा कि उनकी टीम काफ़ी नाराज़ थी क्योंकि ऑन-फ़ील्ड अंपायर ने काफ़ी ख़राब फ़ैसले दिए थे. दिपॉन ने ढाका ट्रिब्यून से कहा, ”इसकी शुरुआत टॉस से ही हो गई थी. मेरे कप्तान को सिक्का देखने तक नहीं दिया और हमें पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतार दिया गया. और जैसा कि आशंका थी अंपायरों ने हमारे ख़िलाफ़ काफ़ी ख़राब फ़ैसले दिए.” وہ کہنے لگے, ”मेरे खिलाड़ी 17-18 साल के नौजवान हैं. वो इस अन्याय को सहन नहीं कर सके और चार गेंद पर 92 रन दे डाले.”
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






