Home State Bihar & Jharkhand अब किसानों पर मौसम की मार, सरकार से मदद की दरकार

अब किसानों पर मौसम की मार, सरकार से मदद की दरकार

कोरोना भूकंप और टिड्डी से किसान परेशान है जिसकी वजह से किसानों को गेहूं की फसल में नुकसान उठाना पड़ा। साथ ही साथ आंधी से आम की फसल प्रभावित हुई तो अब चीनी मिलों पर भुगतान फंसा है। कभी मौसम की मार तो अब कोरोना की मार के चलते सब्जी किसानों को भारी नुकसान हुआ है। फूल उत्पादक किसानों को तो भारी नुकसान हुआ। इसके बार किसानों को टिडडी दल का खतरा सताने लगा। कृषि प्रधान देश की रीढ़ किसान जहां प्राकृतिक आपदा से बेहाल है तो वहीं सरकार की नीति भी किसान हित में दिखाई नहीं दे रही है। पैकेज के नाम पर किसान को कोई राहत नहीं दी गई। गन्ना भुगतान न होने पर किसान बेहाल है।

नहरों में पानी नहीं है। टांसफार्मर समय पर नहीं मिल रहे हैं। किसान का बुरा हाल है। लॉकडाउन में सब्जी के किसान बर्बाद हो गए हैं। किसान भुगतान की आस लगाए बैठा है। पैकेज के नाम पर किसान की कोई मदद नहीं हुई। सरकार किसानों को गन्ने का भुगतान तो समय पर दिलाए। तो वहीं अब किसानों पर एक और आपदा आ पड़ी है दराअसल इस बार किसानों पर मौसम ने कहर बरपाया है। जिसने सबसे से ज्यादा फूलों और सब्जी की खेती करने वाले किसानों को नुकसान दिया है। किसानों के नुकसान की भरपाई होनी चाहिए। लेकिन ये भरपाई कब होगी ये सवाल पिछले कई सालों से जस का तस है। जो कई किसानों की मौत का भी कारण बन चुका है।

आज के समय में किसान से ज्यादा परेशान कोई नहीं है। प्राकृतिक आपदा से लड़ रहा किसान आज कोरोना से लड़ रहा है। सब्जी और फूलों की खेती करने वाले किसानों को लॉकडाउन में नुकसान हुआ है। ऐसे में सरकार को किसानों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। तो वहीं इसी बीच बिजली का बिल भी आ गया। स्कूलों से फीस भी मांगी जा रही है। किसान को फसल कर्ज का व्याज भी लगाया गया। किसान की कोई सुध लेने को तैयार नहीं है।

लेकिन ना तो सरकार किसानों के लिए कुछ सोच रही और ना ही गरीब मजदूरों के लिए। अगर सरकार कुछ सोच रही है तो वो सिर्फ अपने बारे में। सरकार को किसानों के बारे में सोचते हुए किसान हित में कोई अच्छा निर्णय लेना चाहिए। सरकार कम से कम गन्ना भुगतान ही समय पर किसानों को दिलाए। अब किसान सरकार ने उम्मीद नहीं लगाएंगे तो किससे लगाएंगे।

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