Home Current Affairs टिड्डियों के आतंक से किसान परेशान, सरकार ने अब तक क्यों नहीं लिया कोई एक्शन ?

टिड्डियों के आतंक से किसान परेशान, सरकार ने अब तक क्यों नहीं लिया कोई एक्शन ?

पहले ही इस देश का किसान कोरोना से परेशान है, कई इलाकों में किसानों ने कोरोना से परेशान होकर आत्महत्या की। लेकिन जहां एक तरफ कोरोना का कहर जारी है तो वहीं दूसरी तरफ अब इस देश पर टिड्डियों के हमला का खतरा आ चुका है। जिसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर पर देखा जा रहा है। जिसके खतरे से निपटने के लिए दिल्ली सरकार तैयारी कर रही है तो नोएडा में भी किसानों को अलर्ट किया गया है। पाकिस्तान से राजस्थान में घुसपैठ करने वाली टिड्डियां कई राज्यों में फसलों को बर्बाद कर रही हैं, महाराष्ट्र में टिड्डियों को मारने के लिए कृषि विभाग ने दमकल की मदद ली।

जानकारी के लिए बता दें की ये बीते 26 साल में टिड्डियों का देश में ये सबसे घातक हमला है। राजस्थान, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र के किसानों पर इन छोटे दुश्मनों का बड़ा कहर बरपा है। लेकिन सब कुछ जानते हुए भी सरकार अनजान बन रही है। और सरकार की इस लापरवाही का नुकसान राजस्थान और मध्य प्रदेश में लाखों एकड़ फसल को नुकसान किसानों को अपनी फसल बर्बाद कर चुकाना पड़ रहा है।

टिड्डियों के हमले की तस्वीरें उत्तर प्रदेश के झांसी और सोनभद्र जैसे सीमावर्ती जिलों से सामने आ रही है। जहां पर फसलों के साथ-साथ लाखों टिड्डियों रिहाइशी इलाकों में भी प्रवेश कर गई हैं। टिड्डियों की टीम का खतरा अब दिल्ली एनसीआर तक आ पहुंचा है। जिसको देखते हुए नोएडा प्रशासन ने किसानों को अलर्ट किया है, साथ ही फसलों को बचाने के लिए एक कमेटी बनाई है। लेकिन ये कमेटी कब काम करना शुरू करेगी ये कोई नहीं जानता।

तो वहीं दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने भी टिड्डियों से निपटने के लिए कीटनाश्क के छिड़काव की बात कही है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के 18 जिलों में टिड्डियों ने अटैक किया है, तो वहीं राजस्थान के 21 जिले टिड्डियों के हमले से प्रभावित हैं, धौलपुर और श्रीगंगानगर में भी टिड्डी दल ने फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है।

जानकारी के लिए बता दें की 15 किलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने वाली टिड्डियां दिन भर में 150 किमी. दूर तक उड़ सकती हैं। एक झुंड में करीब 8 करोड़ टिड्डियां होती हैं, टिड्डियों का एक झुंड एक दिन में करीब 10 हाथियों के भोजन के बराबर फसल चट कर जाता है। लेकिन अगर आने वाले समय में सरकार ने सख्त एक्शन ना लिया और कमेटी बनाने की बात करती तो किसान अपनी सभी फसलों से हाथ धो बैठेंगे।

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