Home State Madhya Pradesh & Chhatishgarh विकास दुबे के बाद अब इन आरोपियों की आई शामत

विकास दुबे के बाद अब इन आरोपियों की आई शामत

विकास दुबे के एनकाउंटर पर सियासत तेज हो गई है,तो वहीं दूसरी तरफ कई नेताओं ता ऐसा कहना है की अगर विकास दुबे से कोर्ट जानकारी लेता तो कई बड़े नेताओं के नाम सामने आते। शायद यही वजह है की विकास दुबे का एनकाउंटर किया गया। लेकिन उत्तर प्रदेश में विकास दुबे एनकाउंटर के बाद पुलिस पूरे एक्शन में है, पुलिस लगातार विकास दुबे और उसके गैंग को शरण देने वालों पर शिकंजा कस रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर के रहने वाले दो लोगों (ओम प्रकाश पांडे और अनिल पांडे) को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर कानपुर कांड में शामिल आरोपी शिवम दुबे और शशिकांत पांडे को शरण देने का आरोप है।

बता दें की कानपुर कांड में आरोपी शशिकांत पांडे और शिवम दुबे को ग्वालियर निवासी ओम प्रकाश पांडे और अनिल पांडे ने अपने घर में छुपाया था। जिसको लेकर एसटीएफ ने ओम प्रकाश और अनिल पांडे को गिरफ्तार किया। आरोप है कि विकास दुबे के 2 साथियों को इन्होंने अपने यहां शरण दी थी, पुलिस का कहना है कि इन दोनों के खिलाफ भी कानपुर में भी केस दर्ज है।

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही तड़के सुबह उत्तर प्रदेश के मोस्ट वॉन्टेड अपराधी विकास दुबे को मार गिराया गया था। कानपुर के बिकरू गांव में 2 जुलाई को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में यह बड़ी पुलिसिया कार्रवाई थी, विकास दुबे पर 5 लाख का इनाम था। पुलिस की माने तो उज्जैन से कानपुर लाते समय विकास दुबे ने भागने की कोशिश की, इस दौरान एनकाउंटर हुआ और वह मारा गया।

विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर कानपुर पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया था, ‘5 लाख के इनामी विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किये जाने के बाद पुलिस और एसटीएफ टीम आज 10 जुलाई को कानपुर नगर ला रही थी। कानपुर नगर भौंती के पास पुलिस की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होकर पलट गई. विकास दुबे और पुलिसकर्मी घायल हो गए।

कानपुर एनकाउंटर में शुक्रवार सुबह मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे के पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी भी की गई थी। तीन डॉक्टरों ने विकास दुबे के शव का पोस्टमॉर्टम किया था. 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे का कोरोना टेस्ट भी हुआ था जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी. विकास दुबे का शव उसके बहनोई लेने पहुंचे थे। लेकिन सवाल ये की विकास दुबे ने कानपुर आने से पहले ही भागने की कोशिश क्यों की।

लेकिन अभी भी हर किसी के मन में ये सवाल बच्चे की तरह पल रहा है की आखिर एनकाउंटर क्यों कर दिया गया। क्या सरकार को अपनी साख बचानी थी। या फिर ये कहे की सरकार ये दिखाना चाहती थी की अब बढ़ते क्राइम पर रोक लगेगी। खैर अब जो भी हो लेकिन विकास दुबे के जिंदा रहते कई बड़े नाम सामने आना पक्का था।

(अब आप नेशनल इंडिया न्यूज़ के साथ फेसबुक, ट्विटर और यू-ट्यूब पर जुड़ सकते हैं.)

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Check Also

तो क्या दीप सिद्धू ही है किसानों की रैली को हिंसा में तब्दील करने वाला आरोपी ?

गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली ने मंगलवार को अचानक झड़प क…