عورت اپنے شوہر کو پیٹھ پر اٹھائے معذوری کے سرٹیفکیٹ کے لیے سی ایم او آفس کے چکر لگا رہی ہے۔
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आयी है. मंगलवार को एक महिला अपने दिव्यांग पति को पीठ पर लादकर सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सीएमओ के ऑफिस में पहुंची. महिला ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि उसके पति के पास व्हीलचेयर और ट्राईसाइकिल नहीं है इसी वजह से उसे उसके पति को कंधों पर उठाकर सीएमओ ऑफिस लाना पड़ा है. सरकारी कार्यालयों में सरकारी बाबू किस तरह से अपना काम करते हैं इसकी एक बानगी मंगलवार को देखने को मिली है। पति को कंधे पर लेकर घंटों सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती रही महिला का नाम बबीता है.
गंभीर बात यह है कि यह महिला अपने पति का दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने के लिए कई दिनों से सीएमओ ऑफिस के चक्कर काट रही है. जानकारी के मुताबिक एक सड़क हादसे में इस महिला के पति का एक पैर कट गया था. इस हादसे को हुए तीन साल हो गए हैं और पिछले तीन सालों से वो अपने पति के दिव्यांग सर्टिफिकेट के लिए सरकारी बाबूओं के कार्यालय की चक्कर काट रही हैं. लेकिन अधिकारी हैं कि काम करने को तैयार नहीं. मंगलवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचने के बाद इस महिला को अपने पति की फोटो खींचवाने के लिए कहा गया. लेकिन फोटो खींचवाने के लिए पति को दफ्तर से बाहर ले जाने की समस्या थी.
مولانا آزاد اور ان کی برسی کو یاد کرتے ہوئے۔
مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…




