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16 साल के किशोर बहुजन को जिंदा जलाने का हुआ खुलासा

बहुजनों के साथ हो रहे अत्याचारों की खबरें आती रहती है जैसा कि कुछ दिनों पहले ही पंजाब में एक बहुजन शख्स को खंभे से बांधकर बेरहमी से पीटा गया था. वही दूसरी तरफ पंजाब के मनसा में 16 साल के एक किशोर को खंभे से बांधकर जिंदा जलाने का मामला सामने आया है. मनसा सिटी पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुखजीत सिंह ने कहा, ‘हमारी जांच के आधार पर जसप्रीत सिंह को पहले रस्सी के सहारे खंभे से बांधा गया और फिर उस पर पेट्रोल छिड़ककर उसे आग लगा दी गई.’ जसप्रीत की मौके पर ही मौत हो गई. मनसा के एसएसपी नरिंदर भार्गव ने इस मामले में तीन लोगों जशन सिंह,

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में बहुजन छात्र संघ से अध्यक्ष पद प्रत्याशी अरविंद कुमार का नामांकन जुलूस

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी में बहुजन छात्र संघ से अध्यक्ष पद के प्रत्याशी पद पर अरविंद कुमार के समर्थन में नामांकन जुलूस निकाला गया. विगत १९ नवम्बर को बहुजन छात्र संघ की वाराणसी इकाई के सचिव प्रदीप राजभर व अध्यक्ष जय प्रकाश गौतम जी ने अरविंद कुमार को प्रत्यासी घोषित किया. जल्द ही महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों के हित में चुनावी घोषणा पत्र जारी किया जाएगा जिसमें विश्वविद्यालय को अकादमिक और मानक बनाए जाने पर जोर दिया जाएगा. आज का नामांकन जुलूस कचहरी वाराणसी स्थित बाबा साहब डॉ आंबेडकर की प्रतिमा से गाजे

गुरु नानक देव और धार्मिक-सामाजिक क्रांति

गुरु नानक इस देश में एक नयी ही धार्मिक-सामाजिक क्रान्ति और जागरण के प्रस्तोता हैं। पूरे मध्यकालीन संत साहित्य में जिन श्रेष्ठताओं का दर्शन बिखरे हुए रूप में होता है उन सबको नानक एकसाथ एक मंच पर ले आते हैं। उनकी परम्परा में बना गुरु ग्रन्थ साहिब इतना इन्क्लूसिव और ज़िंदा ग्रन्थ है कि उसकी मिसाल किसी अन्य धर्म या सम्प्रदाय में नहीं है। आज नानक जयन्ती पर नानक को परम्परावादी प्रशंसा या अहोभाव की मुद्रा से परे जाकर एक समाज क्रान्ति के मसीहा के रूप में देखने का दिन है। हमारे अधिकाँश संत और महापुरुष - जो सम्प्रदायों की चादरों

वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स कंपनी में अग्रवाल/वैश्य ही हो सकते है शामिल!

7 नवंबर के दिन रोज़ की तरह अखबारों में कुछ कंपनियों ने जरूरत के हिसाब से खाली पदों का विज्ञापन दिया. इनमें से एक कंपनी के नौकरी वाले ऐड में कुछ ऐसा लिखा जिसने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. और सोशल मीडिया पर कुछ ही घंटों में ये विज्ञापन भयंकर वायरल होने लगा. इतना वायरल हुआ कि कुमार विश्वास और तेजस्वी यादव के पॉलिटिकल एडवाइजर संजय यादव ने भी इसे शेयर कर दिया. भारती रेलवे में बड़े स्तर पर खाना साप्लाई को लेकर ठेका लेने वाली वृंदावन फूड प्रोडक्ट्स नाम की कंपनी ने हाल ही में विभिन्न पदों पर नौकरियां निकाली. लेकिन भर्ती होने से

जातिवादी ट्विटर को ग्लोबल मीडिया में बहुजनों ने किया एक्सपोज

सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर इन दिनों रोजाना जातिवादी हैशटैग ट्रेंड हो रहे हैं. इन हैशटैग्स के जरिए ट्विटर पर जातिवादी रवैया अपनाने का आरोप लगाया जा रहा है. इसके साथ ही ट्विटर को सवर्णों को तवज्जो देने और बहुजनों, पिछड़ों, ओबीसी और मुस्लिमों के साथ भेदभाव करने वाला संस्थान करार दिया जा रहा है. इसमें पत्रकार और बहुजन चिंतक दिलीप मंडल, दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में प्रोफेसर रतन लाल, ट्विटर पर बेहद सक्रिय हंसराज मीणा जैसे एक्टिविस्ट शामिल हैं. ट्विटर के इस क़दम का विरोध करते हुए दिलीप मंडल समेत तमाम दलित एक्टिविस्ट,

इज़राइली टेक्निक से वकीलों और बहुजन एक्टिवेस्टों के फोन की जासूसी?

तो क्या व्हाट्सएप कॉल की जासूसी की जा सकती है. जिस व्हाट्सएप कॉल पर आम आदमी भी भरोसा करता है कि कोई सुन नहीं रहा होगा. उसे भी किसी सॉफ्टवेयर की मदद से हैक कर सुना जा सकता है. यह भरोसा टूटने पर आपको कैसा लगेगा, क्या भय होगा कि जिस बातचीत को आप personal समझ कर कर रहे थे, उसे कोई सुन रहा था. आम लोग भी व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करते हैं. वो अपने सामान्य सिम से बात नहीं करते. उन्हें पता है कि निजी बात करनी है तो व्हाट्सएप कॉल करना है. क्योंकि इस बातचीत को फोन के सॉफ्टवेयर से रिकॉर्ड नहीं की जा सकती है. फोन में बातचीत रिकॉर्ड का

2019 में भाजपा का हारना तय है!

2019 में भाजपा का हारना तय है. जनता भाजपा के फरेब से परिचित हो चुकी है. भाजपा को भी पता है कि लोग अब पहले की तरह बेवकूफ बनने वाले नहीं हैं. इसीलिए वह विकास का मुद्दा छोड़कर अपने मूल हथियार यानी साम्प्रदायिक राजनीति का प्रयोग करने के लिए माहौल बनाने लगी है. इसके लिए लगभग सभी न्यूज चैनल , ट्विटर , व्हाट्सएप और फेसबुक का प्रयोग शुरू हो चुका है. फेक न्यूज और प्लांटेड न्यूज से जनता को साम्प्रदायिक होने के लिए उकसाया जा रहा है. लेकिन इसका भी कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है. प्रो-बीजेपी तमाम न्यूज चैनल्स और शोसल मीडिया ग्रुप्स/पेज…

The last letter; We love you prince, and we will remember you in our struggles

Your positivity and smile hid your pain well. We never saw it coming, like most bad things, maybe even you didn't see it coming, such is the nature of this violence, and that it leaves no visible marks. You just try to keep your head above water and hope you succeed. All that remains, is grief, grief of not being there, grief of us trying and failing again, grief that none of us will get to be with you again in the same way.

क्यों आज भी बहुजनों को अलग गिलास में दी जाती है चाय?

क्या आपने किसी होटल में चाय पीने के बाद अपना चाय का कप खुद धोया है? दक्षिण भारत के कई हिस्सों में होटलों में चाय पीने के बाद भी कुछ लोगों को अपना कप खुद धोना पड़ता है. जाति के निचले पायदान पर खड़े समाजों, ख़ास तौर से बहुजन समुदाय के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है. कई बार उन्हें बाकी ग्रामीणों के साथ चाय पीने की इजाज़त भी नहीं होती. असल में बहुजनों के चाय पीने के गिलास अलग रखे जाने की रूढ़ि को 'टू-ग्लास सिस्टम' कहते हैं. आज़ाद भारत के कुछ हिस्सों में यह रूढ़ि अब भी क़ायम है. सभी में नहीं, लेकिन कुछ सवर्ण परिवारों में…

पढ़िए कड़वी सच्चाई, आज का बहुजन क्या कर रहा है?

आज का बहुजन क्या कर रहा है ? दोस्तों ये लेख पढ़ के आप को बहुत ही गुस्सा आएगा ,क्योंकि ये सत्य है और सत्य कड़वा होता है। लेकिन सत्य से भागना नहीं है। पूरे लेख को बहुत ही ध्यान से पढ़िए, क्योंकि इस लेख को किसी एक इंसान ने नही बल्कि आज के समय के सोशल मीडिया एक्सपर्ट अम्बेडकर टीम द्वारा बहुत ही अनुभव और गहराई से हमारे समाज के हालात और हालत को इस लेख में ब्यान किया है। तो आइए जानते हैं कि आज हमारा बहुजन समाज किस ओर जा रहा है और क्या कर रहा है.... 1- आज का बहुजन मंदिरों में जाकर घंटा बजा रहा है और प्रसाद के लिए लाइन खड़ा है। 2- आज…