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2019 में भाजपा का हारना तय है!

2019 में भाजपा का हारना तय है. जनता भाजपा के फरेब से परिचित हो चुकी है. भाजपा को भी पता है कि लोग अब पहले की तरह बेवकूफ बनने वाले नहीं हैं. इसीलिए वह विकास का मुद्दा छोड़कर अपने मूल हथियार यानी साम्प्रदायिक राजनीति का प्रयोग करने के लिए माहौल बनाने लगी है. इसके लिए लगभग सभी न्यूज चैनल , ट्विटर , व्हाट्सएप और फेसबुक का प्रयोग शुरू हो चुका है. फेक न्यूज और प्लांटेड न्यूज से जनता को साम्प्रदायिक होने के लिए उकसाया जा रहा है. लेकिन इसका भी कोई खास असर होता नहीं दिख रहा है. प्रो-बीजेपी तमाम न्यूज चैनल्स और शोसल मीडिया ग्रुप्स/पेज…

The last letter; We love you prince, and we will remember you in our struggles

Your positivity and smile hid your pain well. We never saw it coming, like most bad things, maybe even you didn't see it coming, such is the nature of this violence, and that it leaves no visible marks. You just try to keep your head above water and hope you succeed. All that remains, is grief, grief of not being there, grief of us trying and failing again, grief that none of us will get to be with you again in the same way.

क्यों आज भी बहुजनों को अलग गिलास में दी जाती है चाय?

क्या आपने किसी होटल में चाय पीने के बाद अपना चाय का कप खुद धोया है? दक्षिण भारत के कई हिस्सों में होटलों में चाय पीने के बाद भी कुछ लोगों को अपना कप खुद धोना पड़ता है. जाति के निचले पायदान पर खड़े समाजों, ख़ास तौर से बहुजन समुदाय के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है. कई बार उन्हें बाकी ग्रामीणों के साथ चाय पीने की इजाज़त भी नहीं होती. असल में बहुजनों के चाय पीने के गिलास अलग रखे जाने की रूढ़ि को 'टू-ग्लास सिस्टम' कहते हैं. आज़ाद भारत के कुछ हिस्सों में यह रूढ़ि अब भी क़ायम है. सभी में नहीं, लेकिन कुछ सवर्ण परिवारों में…

पढ़िए कड़वी सच्चाई, आज का बहुजन क्या कर रहा है?

आज का बहुजन क्या कर रहा है ? दोस्तों ये लेख पढ़ के आप को बहुत ही गुस्सा आएगा ,क्योंकि ये सत्य है और सत्य कड़वा होता है। लेकिन सत्य से भागना नहीं है। पूरे लेख को बहुत ही ध्यान से पढ़िए, क्योंकि इस लेख को किसी एक इंसान ने नही बल्कि आज के समय के सोशल मीडिया एक्सपर्ट अम्बेडकर टीम द्वारा बहुत ही अनुभव और गहराई से हमारे समाज के हालात और हालत को इस लेख में ब्यान किया है। तो आइए जानते हैं कि आज हमारा बहुजन समाज किस ओर जा रहा है और क्या कर रहा है.... 1- आज का बहुजन मंदिरों में जाकर घंटा बजा रहा है और प्रसाद के लिए लाइन खड़ा है। 2- आज…

यूपी: एनकाउंटर में मुस्लिम और बहुजन होते हैं निशाने पर?

उत्तर प्रदेश। बीते 10 महीनों में 1100 से अधिक पुलिस एनकाउंटर और उनमें 35 से अधिक कथित अपराधियों की मौत. यह आंकड़ा किसी फ़िल्मी कहानी सा लगता है मगर है एकदम सच. आबादी के लिहाज़ से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में इस समय एनकाउंटर का बोलबाला है और हाल में विधान परिषद में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका श्रेय भी लिया. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि राज्य में अपराध पर नियंत्रण के लिए पुलिस एनकाउंटर नहीं रुकेंगे. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मुख्यमंत्री का कहना है कि 1200 एनकाउंटर में 40 ख़तरनाक…

कासगंज: बहुजन की बारात से ‘शांति में ख़तरा’, पुलिस ने नहीं दी इजाजत

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में बड़ा विवाद कुछ दिन पहले ही सामने आय़ा था. अब बहुजनों से भेदभाव की बड़ी खबर सामने आयी है. निज़ामपुर गांव की रहने वाली शीतल की शादी संजय जाटव से तय हुई है. शीतल ठाकुर बहुल गांव में रहती हैं जहां बहुजनों की आबादी बहुत कम है. पर शीतल का मन है की उसकी बारात भी गाजे-बाजे के साथ आए और वो ख़ुशी-ख़ुशी अपने घर से विदा हों. पर शीतल की इस ख़्वाहिश में शांति-व्यवस्था दिक्कत बन गई है. उनकी शादी इसी साल बीस अप्रैल को होनी है लेकिन वहां की पुलिस ने बारात निकालने की अनुमति नहीं दी है. उनके मंगेतर 27…

RSS से जुड़े पोस्टर में संत रविदास, वाल्मीकि को लिखा अस्पृश्य, भड़के बहुजन समाज के लोग

By: Ankur sethi उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में आरएसएस से जुड़े पोस्टर पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया. उस पोस्टर में वाल्मीकि, संत रविदास के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए गया है. इस पोस्टर के सोशल मीडिया में आने के बाद खासा विवाद पैदा हो गया है. बहुजन समाज ने इस पोस्टर का खुलकर विरोध किया. दरअसल 25 फरवरी को मेरठ में आरएसएस का सबसे बड़ा समागम होने जा रहा है. जिससे पहले मेरठ शहर को तरह- तरह के पोस्टरों से पाटा जा रहा है. शहर में कुछ पोस्टर्स ऐसे लगाए गए जिनमें लिखा है, ‘हिंदू धर्म की जैसे प्रतिष्ठा, वसिष्ठ जैसे ब्राह्मण,…