ब्राउजिंग टैग

BJP GOVT

अरुंधति रॉय बोलीं- NPR के लिए आएं तो उन्हें अपना नाम ‘रंगा-बिल्ला’ बताइए और पता ‘PM हाउस’

मशहूर लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति रॉय बुधवार को नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रों का साथ देने पहुंची। अरुंधति ने इस दौरान छात्रों से कहा कि, “एनपीआर भी एनआरसी का ही हिस्सा है। एनपीआर के लिए जब सरकारी कर्मचारी जानकारी मांगने आपके घर आएं तो उन्हें अपना नाम रंगा बिल्ला बताइए। अपने घर का पता देने के बजाए प्रधानमंत्री के घर का पता लिखवाएं।” अरुंधति रॉय ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, देश में डिटेंशन सेंटर के मुद्दे पर सरकार झूठ बोल रही है। सरकार एनआरसी और डिटेंशन कैम्प के मुद्दे

A tale of two rapes and the different “justice ” that the upper castes and media will decide

By- Vidya Bhushan Rawat ~ Unnao's rape survivor has just passed away. The accused are well identified and arrested. There is another Unnao horror story where the accused is well identified and for whom we saw some marches in that city. So far, I am not hearing the same cries about hanging the accused. The TV channels are not beaming the names of the accused. Nor are we witnessing the candle light marches. Nor are we seeing cries of hand over the culprits to the 'Janata' so that they can do the justice. We all are

हैदराबाद एनकाउंटर न्यायपालिका पर संकट और तालिबानी न्याय व्यवस्था का संकेत है

ये जो एनकाउंटर पर वाह-वाही कर रहे हो न ये यूपी के सरकारी एनकाउंटरों का भी समर्थन है. आपको मूर्ख बनाकर योगी के चार हजार एनकाउंटरों पर आपकी सहमति ले ली गई. अब जाति देखकर यूपी पुलिस ठोंकेगी तब किस मुंह से चिल्लाओगे. और याद रखना चिन्मयानंद, हरिशंकर त्रिवेदी, शुभम-शिवम द्विवेदी, प्रिंस सलूजा जैसों के एनकाउंटर कभी नहीं होते. एनकाउंटर में सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि आपको पता ही नहीं होता कि असली दोषी को ही ठोंका गया है या किसी को ही उठाकर ठोंककर वाहवाही लूट ली गई है. ऐसे एनकाउंटर छत्तीसगढ़ में अक्सर होते रहे हैं. किसी भी आदिवासी को

रिलायंस, वोडाफोन आईडिया से लेकर एयरटेल सब हुए महंगे बीजेपी सरकार डींगें हाँकती रही

पिछले 6 सालों से बीजेपी सरकार मोबाइल इंटरनेट और कॉल सस्ता करने की डींगें हाँकती थी. अब इनकी भी हवा निकल गई. भाजपा ने BSNL,MTNL को कमजोर किया और बाकी कम्पनियों के लिए कॉल और डेटा महँगा करने का रास्ता खोला. भाजपा अपने अमीर दोस्तों को फायदा पहुँचाने के लिए लगातार जनता की जेब काट रही है. दूरसंचार कंपनियों वोडाफोन आइडिया एयरटेल और रिलायंस जियो ने वॉइस कॉल और डेटा की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है. तीनों बड़ी कंपनियों ने रविवार को अपने नये संशोधित प्लान की घोषणा की. इस प्लांस की घोषणा के बाद मोबाइल सेवाएं 40 से 50 फीसदी तक महंगी हो

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में मंदी पर बोली और उनकी सरकार के मंत्री सदन में झपकी ले रहे थे

केंद्र की मोदी सरकार देश की गिरती अर्थव्यवस्था को लेकर कितनी चिंतित है इसका अंदाज़ा राज्यसभा के एक नज़ारे को देखकर लगाया जा सकता है. दरअसल केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण राज्यसभा में मंदी पर बोल रही थीं और उनकी सरकार के मंत्री उनकी बात सुनने के बजाए सदन में झपकी और जम्हाई ले रहे थे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जब संसद में अर्थव्यवस्था को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब दे रही थीं तभी देश के केंद्रीय मंत्री इस मुद्दे पर आराम फरमा रहे थे. केंद्रीय कौशल विकास मंत्री और पूर्व उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष महेंद्र नाथ

महाराष्ट्र में क्या गिर जाएगी बीजेपी सरकार ?

महाराष्ट्र में शनिवार को सियासत ने ऐसी करवट ली कि हर कोई दंग रह गया. बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और एनसीपी नेता अजित पवार ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राजभवन में दोनों नेताओं को शपथ दिलाई. बदले सियासी घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक उथल-पुथल मचना जाहिर है. बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र में मौजूदा स्थिति के बाद कांग्रेस एनसीपी प्रमुख शरद पवार से नाराज है. सूत्रों ने यह दावा किया है. कांग्रेस का कहना है कि शरद पवार ने शिवसेना के साथ बातचीत में देरी की. कांग्रेस के मुताबिक पवार

महाराष्ट्र में बीजेपी की बनी सरकार क्या जनता के हक में होगी बात?

महाराष्ट्र में 23 नवंबर को भारतीय सियासत का सबसे बड़ा उलटफेर हुआ . शनिवार सुबह अचानक बीजेपी नेता देवेंद्र फड़णवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. वहीं एनसीपी के नेता अजीत अनंत पवार ने राज्य के डिप्टी सीएम पद की शपथ ली. जिससे शिवसेना को बड़ा झटका लगा है और वही सुबह तक उद्धव ठाकरे के सीएम बनाए जाने की खबर सामने आ रही थी. दिन में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना की बैठक भी होनी थी. लेकिन अचानक सबकुछ बदल गया और बीजेपी-शिवसेना की गठबंधन सरकार बन गई. वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा और दोनों नेताओं को बधाई दी है.और

आखिर 40 साल में पहली बार उपभोक्ताओं के खर्च में गिरावट क्यों आई!

सरकारी सर्वे में ये एक नई बात सामने आई है. कि पिछले 40 सालों में पहली बार साल 2017-18 में उपभोक्ताओं की खर्च सीमा में गिरावट देखन को मिली है और इसका प्रमुख कारण ग्रामीण इलाकों में मांग में आई कमी है. बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार भारत में घरेलू उपभोक्ता व्यय नामक राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय एनएसओ की लीक को सर्वे में कथित तौर पर दिखाया गया है. कि किसी भारतीय द्वारा एक महीने में खर्च की जाने वाली औसत राशि साल 2017-18 में 3.7 फीसदी कम होकर 1446 रुपये रह गई है. जो कि साल 2011-12 में 1501 रुपये थी. लेकिन रिपोर्ट के अनुसार

क्या जेएनयू की फीस बढाने के समर्थक सार्वजनिक धन की इस लूट पर भी खामोश बने रहेंगे?

आम खाताधारकों पर मिनिमम बैलेंस के लिए पेनाल्टी और ज्यादा ट्रांजेक्शन करने पर तुरंत चार्ज लगाने वाले एसबीआई ने पिछले पांच साल मे कुल 1 लाख 63 हजार 934 करोड़ रुपये का लोन राइट-ऑफ किया है. कि आम आदमी को लूटने ओर कारपोरेट को बांटने की नीति मोदी सरकार में खूब परवान चढ़ रही है. और सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस 1 लाख 63 हजार 934 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा पिछले दो साल में राइट-ऑफ किया गया है. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने 2016-17 में 20 हजार,339 करोड़ रुपये के फंसे कर्ज को बट्टा खाते डाल दिया था उस वक्त भी यह

दिल्ली के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा वह आपातकालीन इस आपातकालीन से अच्छी थी

राजधानी दिल्ली में लोगों का प्रदूषण से बुरा हाल हो रखा है और हवा में कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है.आज भी दिल्ली के कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरे के निशान से उपर है. दरअसल पिछले सप्ताह कुछ दिन हवा की स्थिति ठीक रहने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर मिली थी. लेकिन रविवार के बाद से दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और इसी जहरीली हवा के चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अगर हम अब की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में नोएडा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. जहां AQI 482