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वास्तविक “महिला दिवस शिक्षक दिवस” की शुभकामनाएं

आज सावित्रीबाई फुले का जन्मदिन है, भारत को सभ्य बनाने वाली एक महान महिला को याद करने का दिन है। सावित्रीबाई फुले वो महिला हैं जिन्होंने ब्राह्मणों के द्वारा कीचड़ और गंदगी फेंके जाने के बावजूद ओबीसी और दलित लड़कियों के लिए स्कूल खोला। सावित्रीबाई वो महिला हैं जो फूल और सब्जियां बेचकर, गद्दे, रजाई और कपड़े सिलकर अपना परिवार चलातीं थीं। सावित्रीबाई जब ओबीसी बहुजनों की बेटियों को पढ़ाने जाती थीं तब दो साड़ियाँ लेकर निकलती थीं। रास्ते मे ब्राह्मण उनपर कीचड़, गोबर आदि फेंकते थे। सावित्रीबाई स्कूल पहुंचकर साड़ी बदलकर बच्चों

परिनिर्वाण दिवस ( 28 नवंबर 1890) भारत में देशज आधुनिकता के प्रवर्तक: जोतिराव फुले

By–डॉ सिद्धार्थ रामू~ आधुनिक भारत में शूद्रों-अतिशूद्रों, महिलाओं और किसानों के मुक्ति-संघर्ष के पहले नायक जोतीराव फुले हैं. जिन्हें ज्योतिबा फुले नाम से भी जाना जाता है. डॉ. आंबेडकर ने गौतम बुद्ध और कबीर के साथ ज्योतिबा फुले को अपना तीसरा गुरु माना है. अपनी किताब ‘शूद्र कौन थे?’ महात्मा फुले को समर्पित करते हुए बाबा साहेब ने लिखा है कि ‘जिन्होंने हिन्दू समाज की छोटी जातियों को उच्च वर्णों के प्रति उनकी ग़ुलामी की भावना के संबंध में जाग्रत किया और जिन्होंने सामाजिक लोकतंत्र की स्थापना को विदेशी शासन से मुक्ति पाने से

भीम आर्मी चंद्रशेखर: संविधान विरोधी ताक़तो के ख़िलाफ देशव्यापी अभियान चलाये जाएगा

आज पूरे देश में बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर को याद कर संविधान दिवस मनाया जा रहा है. वही आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद संविधान दिवस के मौक़े पर संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे. आपको बता दें कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा ने संविधान के उस प्रारूप को स्वीकार किया. जिसे डॉ. बीआर आंबेडकर की अध्यक्षता में ड्राफ्टिंग कमेटी ने तैयार किया था. इसी रूप में संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ और भारत एक गणराज्य बना. इसी की याद में 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस मनाने का चलन 2015 को शुरू किया गया. लेकिन दिलचस्प है कि ये चलन उस साल

मेरठ के बाद आजमगढ़ में तोड़ी बाबा साहेब डॉ अंबेडकर की प्रतिमा, बहुजनों में आक्रोश

By: Sushil Kuamr नई दिल्ली। त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के बाद लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद से शुरु हुआ यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. रामास्वामी पेरियार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बाद बाबा साहेब डॉ अंबेड़कर की प्रतिमाएं तोड़ी जाने लगीं। यूपी के मेरठ में बाबा साहेब की प्रतिमा तोड़े जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं कि आजमगढ़ जिले में डॉ अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ दिया गया। बहुजनों के मसीहा, भारतीय संविधान निर्माता और नॉलेज ऑफ सिंबल कहे जाने वाले बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की लगातार प्रतिमा तोड़े…