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जामिया के बाद अब जेएनयू के गर्ल्स हॉस्टल में गुंडों की तानाशाही

BY: Kanaklata Yadav आज शाम में हम लोग साबरमती ढाबे पर इकट्ठा थे, मुझे बाहर से खबर मिली कि बाहर बहुत से लोग मार पीट करने के लिए इकट्ठा हैं, काफी लोग कैंपस में भी घुस चुके हैं और आज रात में कुछ भी हो सकता है, आप लोग बच कर रहिये। हम लोग ये सब सुन ही रहे थे और जेएनयूटीए के पीस मार्च में शामिल होने वाले थे। हम और हमारे कई साथी साबरमती ढाबे पर चाय पी रहे थे, मुझे बाथरूम जाना था तो मैं साबरमती होस्टल में चली गई। बाथरूम के अंदर ही मुझे बाहर की आवाजें सुनाई देने लगीं, लोगों के चीखने भागने, गली गालौज और बदहवास भागती लड़कियों की

जामिया हिंसा पर आई रिपोर्ट: दिल्ली पुलिस जिम्मेदार, रिपोर्ट को नाम दिया- द ब्लडी संडे 2019

PUDR यानि कि पीपुल्स यूनियन डेमोक्रेटिक फॉर राइटस के छह सदस्यीय टीम ने 13 और 15 दिसंबर 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के परिसर में पुलिस की बर्बरता की घटनाओं में 16-19 दिसंबर 2019 तक चार दिवसीय तथ्य-खोज की। विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में क्रूरताएँ हुईं। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 के खिलाफ, संसद द्वारा 11 दिसंबर 2019 को पारित किया गया। रिपोर्ट हमारी जांच पर आधारित है, पुलिस आतंक की तस्वीर प्रदान करती है और पुलिस को असहमति व्यक्त करने के लिए कानूनन बल के रूप में मंजूरी दी जाती है। PUDR ने परिसर में कई

जामिया हिंसा मामले में 10 लोग गिरफ्तार, कोई छात्र नहीं, तो छात्रों को पुलिस ने क्यों पीटा?

जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा ‘कथित’ हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि, इन 10 गिरफ्तार लोगों में एक भी ‘जामिया मिल्लिया इस्लामिया’ का छात्र नहीं है। इन सभी गिरफ्तार लोगों का कोई न कोई क्रिमिनल बैकग्राउंड है। अब सवाल है कि हिंसा सड़क पर हुई, बसें सड़क पर जलीं और उन्हें जलाने वाले जामिया के छात्र नहीं थे, तो फिर दिल्ली पुलिस जामिया के कैम्पस में घुसकर छात्रों पर लाठियां क्यों भांज रही थी? छात्रों को लाइब्रेरी के अंदर डेस्क के नीचे शरण लिए छात्रों को बाहर

सावरकर के सपनों का नहीं, बल्कि भगत सिंह और अंबेडकर के सपनों का भारत बनाना है: कन्हैया कुमार

पूर्णिया के इंदिरा गांधी स्टेडियम में सीएए और एनआरसी के विरोध में आयोजित इस जन प्रतिरोध रैली को संबोधित करते हुए कन्हैया ने कहा कि CAA और NRC के खिलाफ यह लड़ाई एक दिन की नहीं है..यह लड़ाई लंबी चलेगी। https://twitter.com/kanhaiyakumar/status/1206564754837213185?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1206564754837213185&ref_url=https%3A%2F%2Fwww.jansatta.com%2Ftrending-news%2Fvideo-kanhaiya-kumar-slogans-aazadi-against-nrc-caa%2F1255419%2F CAA और NRC को ‘संविधान की आत्मा पर हमला’ बताते हुए कन्हैया ने

CAB-NRC के खिलाफ सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी

संसद से पिछले दिनों पास हुए नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ देश में कड़ा विरोध प्रदर्शन हो रहा है। पूर्वोतर भारत के राज्यों में जमकर इस बिल का विरोध चल रहा है। वहीं उतर भारत के राज्यों में भी इस बिल को लेकर लोग सड़क पर विरोध कर रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली के जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी के छात्र पिछले चार दिनों से नागरिकता संशोधन बिल के खिलाफ शान्ति से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जिन्हे कल दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्ण ढंग से उन्हें पीटा है। जिसमे कई छात्र छात्राएं बुरी तरह से घायल हो चुकी है। वहीं इस नागरिकता संशोधन बिल को

जामिया यूनिवर्सिटी में भारी प्रदर्शन के बाद अब 5 जनवरी तक यूनिवर्सिटी बंद

15 दिसंबर यानि कि कल नागरिकता बिल के खिलाफ दिल्ली से लेकर अलीगढ़ तक जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला. पहले दिल्ली के कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारी भीड़ ने डीटीसी बसों को आग लगा दी और कुछ गाड़ियों को भी फूंक दिया. इसके बाद जामिया यूनिवर्सिटी से भी पुलिस-छात्रों के भिड़ंत की खबरें आने लगीं. जामिया यूनिवर्सिटी का आरोप है कि पुलिस जबरदस्ती कैंपस में घुसी और छात्रों-कर्मचारियों को पीटा. फायरिंग करने के भी आरोप दिल्ली पुलिस पर लगाए जा रहे हैं. वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई. वही इस मामले में जामिया

जामिया छात्रों की पिटाई पर बोले संजय सिंह- कहाँ हैं गृहमंत्री? ‘रोम जल रहा है नीरो बंसी बजा रहा है’

संसद द्वारा पास किये गए नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी के खिलाफ जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे है। कल रात से ही छात्र वहां प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि आज उनका प्रोटेस्ट मार्च जामिया मेट्रो से लेकर संसद भवन तक होने वाला था, लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक उन्हें जामिया यूनिवर्सिटी में रोक लिया। जिसका विरोध करने पर पुलिस ने छात्रों पर बर्बरतापूर्ण ढंग से लढ़ियाँ लाठीचार्ज कर दिया। जिसमे कई छात्र-छात्राएं घायल हो गए हैं। बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल को लेकर देश के कई राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.