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jawahar lal nehru

आपको क्या लगता है कि एकलव्य का अंगूठा काटने वाला द्रोणाचार्य सिर्फ कहानियों में था?

By- श्याम मीरा सिंह सबसे पहले जेनएयू पर हुए आतंकी हमले पर जश्न मनाने वालों के सरनेम पढ़िए, "शुक्ला, दुबे, चतुर्वेदी, जादौन, तोमर, चौधरी, राजपूत, गुर्जर, पांडे, त्रिवेदी, त्रिपाठी, सिंह, मिश्रा, शर्मा" आदि ही क्यों हैं? आपने सोचा? अहीर क्यों नहीं है? जाटव क्यों नहीं है? कुमार क्यों नहीं है? वाल्मीकि क्यों नहीं है? नाई क्यों नहीं है? धोबी क्यों नहीं है? मीणा क्यों नहीं है? दरअसल इस देश का सड़ चुका "अपरकास्टवाद" हिंदूवाद के भेष में आपके घरों, विश्विद्यालयों में पहुंच चुका है. राष्ट्रवाद और हिंदूवाद की आड़ में ये लड़ाई, ऊंची

लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज

क्या आपने कभी सोचा है कि देश के स्वंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री दिल्ली लाल क़िला पर ही क्यों राष्ट्रिय ध्वज फहराते हैं ? किसी अन्य ऐतिहासिक ईमारत या कोई बड़ी आधुनिक शासकीय बिल्डिंग या अपने कार्यालय पर ही क्यों नहीं ? 15 अगस्त पर लाल क़िले पर राष्ट्रिय ध्वज फहराए जाने के पीछे जन भावनायें, लाल क़िला का देश की सार्वभौमिकता और सम्प्रभुता का प्रतीक होना, ऐतिहासिक घटनाक्रम और सामाजिक मान्यताएँ हैं। किसी भौगोलिक क्षेत्र या जन समूह पर सत्ता या प्रभुत्व के सम्पूर्ण नियंत्रण पर अनन्य अधिकार को सम्प्रभुता (Sovereignty) कहा…