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NATIONAL INDIA NEWS

एक नई सुबह का पैगाम लेकर आया नेशनल इंडिया न्यूज

आएगी इंसाफ की हुक्मरानीअब न बहेगा ख़ू होकर पानीउठ रौशनी का लहरा दे परचमकर दे ये दुनिया पुरानीएक नई सुबह का पैगाम लेकर आएगा नेशनल इंडिया न्यूज.. नेशनल इंडिया न्यूज 1 मिलियन के मुकाम पर पहुंच गया है डेर सारे फोन कौल्स आ रहे हैं हमें बधाई दे रहे हैं लेकिन इसके हकदार आप लोग खुद हैं जो हमें नियमित रूप से देखते हैं. शुक्रिया तूफानों से भरे इस दौर में हमारी इस छोटी सी किश्ती को आपने ही थामे रखा. मैं किसी औपचारिकता के नाते आप दर्शकों की अहमीयत को रेखांकित नहीं कर रहा हूं. आप वो हैं जो मेरे और नेश्नल इंडिया न्यूज के लिए वक्त

मायावती ने BJP सरकार पर किए ताबड़तोड़ हमले, “गुजरात में बेघर होने वाले थे हर-हर मोदी वाले पीएम”

नई दिल्ली। बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमों मायावती ने सोमवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर ईवीएम को लेकर सवाल किया कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने में घबराहट क्यों है? मुख्य चुनाव आयुक्त को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए क्योंकि जनता के साथ वादा खिलाफी की आवाज चारों तरफ से उठने लगी है। मायावती ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि 'हर-हर मोदी, घर-घर मोदी' वाले नरेंद्र मोदी जी इस बार गुजरात में बाहर होते-होते बचे हैं. गुजरात में अगर दलितों का 18 से 20 फीसदी वोट होता तो फिर वह बाल-बाल नहीं बच पाते. ऊना कांड ही मोदी को बेघर कर देता.…

कब मिटेगा छुआछूत का कलंक ?

बीजेपी सरकार चाहे जितना दलित हितेषी होने का ढोंग करें, मोदी चाहे जितना बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर का नाम अपने भाषणों में दोहराते हो, अमित शाह चाहे जितना दलितों के घर भोजन करने का दिखावा करें लेकिन जातिवाद और छूआछूत ऐसा कोढ़ है जिससे छुटकारा पाना आसान नहीं है। जातिवाद और छुआ-छूत का असली परिचय देती यह तस्वीर यूपी के बुंदेलखंड की है, हमीरपुर जिले के मौदहा के गढ़ा गांव में एक मंदिर में दलितों के प्रवेश को लेकर मंदिर पुजारी ने रोक लगा दी है, मंदिर पुजारी के इस फरमान के बाद गांव के दलितों में आक्रोश है। …

विश्व मूलनिवासी दिवस पर विशेष, क्यों मनाते हैं मूलनिवासी दिवस ?

By: NIN Bureau नई दिल्ली। अंतराष्ट्रीय स्तर पर आज विश्व मूलनिवासी दिवस मनाया जाएगा, मूलनिवासी दिवस को लेकर मूलनिवासी संघ औऱ बामसेफ संगठन भी जोर-शोर से मना रहे हैं, माना जाता है कि विश्व मूलनिवासी दिवस देश के उन लोगों के हितों और अधिकारों की सुरक्षा के लिए मनाया जाता है जो इस देश के असली वासी है यानी की मूलनिवासी है। भारत में तमाम जातियों और वर्णों में बंटे लोग रहते हैं. कहा जाता है कि इस देश के असली मूलनिवासी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग समेत आदिवासी भी है, जिसे बहुजन समाज भी कहते हैं, लेकिन ब्राह्मणवादी…

9 अगस्त को विश्व मूलनिवसी दिवस, समझिए पूरा इतिहास

By: NIN Bureau क्यों मनाया जाता है विश्व मूलनिवासी दिवस ? मूलनिवासियों के मानवाधिकारों को लागू करने और उनके संरक्षण के लिए 1982 में UNO (संयुक्त राष्ट्र संघ) ने एक कार्यदल UNWGIP (United Nations Working Group on Indigenous Populations) के उपआयोग का गठन किया। जिसकी पहली बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी। इसलिए, हर वर्ष 9 अगस्त को "विश्व मूलनिवासी दिवस" UNO द्वारा अपने कार्यालय में एवं अपने सदस्य देशों को मनाने का निर्देश है। UNO ने यह महसूस किया कि 21वीं सदी में भी विश्व के विभिन्न देशों में निवासरत मूलनिवासी…