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हैदराबाद केस में जश्न मनाने वाले कही गलत तो नही !

11 दिन से उबलता हैदराबाद अब शांत हो गया है. क्या सच में हैदराबाद पीड़िता को इंसाफ मिल गया. क्या एनकाउटर में मारे गए चारों आरोपी ही असली दोषी थे. खैर पुलिस किसी को बचाने और अपनी नाकामी छिपाने के लिए किसी बी हद तक जा सकती है. अगर सच में असली दोषी वहीं थे. तो बाकी सब मामलों में भी पुलिस कोर्ट कचहरी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. सबका एनकाउंटर कर अदालत का किमती वक्त बचाने के आलावा हर रेप पीड़िता को त्वरित इंसाफ मिल जाए. मुझे तो पुरी कहानी किसी फिल्म की तरह पहले से स्कीरिपटेड लगती है. जहां किसी रसूखदार को बचाने के लिए पुलिस किसी

उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए 9 दिसम्बर को मैदान में उतरेंगे भीम आर्मी!

एक तरफ बलात्कार की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है. हैदराबाद में एक बेटी से बलात्कार करने के बाद जलाकर हत्या करने के बाद. उन्नाव की बेटी ने भी शुक्रवार देर रात इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन ये सभी घटनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बेचैन क्यों नहीं कर रही हैं. दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों को जन्मदिन और चुनाव जीतने तक पर बधाई देने वाले मोदी ने इन बेटियों से बलात्कार और उनकी जलाकर हत्या करने वाली घटनाओं पर अभी तक कोई ट्वीट नहीं किया है. उन्नाव रेप पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. इतनी

A tale of two rapes and the different “justice ” that the upper castes and media will decide

By- Vidya Bhushan Rawat ~ Unnao's rape survivor has just passed away. The accused are well identified and arrested. There is another Unnao horror story where the accused is well identified and for whom we saw some marches in that city. So far, I am not hearing the same cries about hanging the accused. The TV channels are not beaming the names of the accused. Nor are we witnessing the candle light marches. Nor are we seeing cries of hand over the culprits to the 'Janata' so that they can do the justice. We all are

हैदराबाद एनकाउंटर न्यायपालिका पर संकट और तालिबानी न्याय व्यवस्था का संकेत है

ये जो एनकाउंटर पर वाह-वाही कर रहे हो न ये यूपी के सरकारी एनकाउंटरों का भी समर्थन है. आपको मूर्ख बनाकर योगी के चार हजार एनकाउंटरों पर आपकी सहमति ले ली गई. अब जाति देखकर यूपी पुलिस ठोंकेगी तब किस मुंह से चिल्लाओगे. और याद रखना चिन्मयानंद, हरिशंकर त्रिवेदी, शुभम-शिवम द्विवेदी, प्रिंस सलूजा जैसों के एनकाउंटर कभी नहीं होते. एनकाउंटर में सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि आपको पता ही नहीं होता कि असली दोषी को ही ठोंका गया है या किसी को ही उठाकर ठोंककर वाहवाही लूट ली गई है. ऐसे एनकाउंटर छत्तीसगढ़ में अक्सर होते रहे हैं. किसी भी आदिवासी को

मैं कहता आंखन देखी : फैसला ‘ऑन द स्पॉट’ का निहितार्थ

सोशल मीडिया पर अब यह खबर वायरल हो चुकी है कि तेलंगाना पुलिस ने उन चार आरोपियों को मार गिराया है. जिनके उपर प्रियंका रेड्डी नामक एक महिला पशु चिकित्सक के साथ बलात्कार के बाद जिंदा जला देने का आरोप था. पुलिस ने यह कारनामा आज 6 दिसंबर, 2019 को सुबह 3 बजे किया. पुलिस का कहना है कि चारों अपराधी भाग रहे थे और इसी क्रम में उन्हें मार दिया गया. जाहिर तौर पर इस खबर से देश के वे लोग जश्न में डूब गए हैं जो यह मानते हैं कि हाथ के बदले हाथ और आंख के बदले आंख के जरिए ही अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है. उनके लिए संविधान कोई मायने

कश्मीर घाटी में लोगों की तनाव की स्थिति में बढ़ोतरी

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से घाटी में लोगों के बीच मानसिक तनाव की स्थिति पैदा हो रही है. जिससे कश्मीर घाटी के बच्चे भी प्रभावित हुए हैं. यह बात राज्य का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद वहां गए मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की 11 सदस्यों वाली टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है.उन्होनें रिपोर्ट में कहा कि क्षेत्र में मानसिक हताशा में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. ‘इम्प्रिजंड रेजिस्टेंसः 5th अगस्त एंड इट्स आफ्टरमाथ’ शीर्षक वाली यह रिपोर्ट गुरुवार को राजधानी में जारी की गई और घाटी जाने वाली मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट टीम का

BSP:दो पदाधिकारियों के मुंह पर पोती कालिख, एक्शन में मायावती

राजस्थान में बहुजन समाज पार्टी के दो वरिष्ठ पदाधिकारियों के कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने पर कार्यकर्ताओं ने उनके मुंह पर कालिख पोत दी इतना ही नहीं उन्हें गधे पर बिठा कर घुमाया गया और इसके साथ ही उन्हें जूतों की माला भी पहनाई गई. वही कार्यकर्ताओं ने दोनों नेताओं पर टिकट वितरण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. और ये मामला जयपुर का है हम अपको बता दे कि वही पर पार्टी के नेशनल कॉर्डिनेटर रामजी गौतम और पूर्व बीएसपी स्टेट इंचार्ज सीताराम को कथित तौर पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया गया. जिसमें इस

भारत बंद के दौरान ग्वालियर में रिवॉल्वर से फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी राजा चौहान के खिलाफ FIR दर्ज

ग्वालियर। भारत बंद के दौरान ग्वालियर के ठाठीपुर में रिवॉल्वर से फायरिंग कर रहे शख्स की पहचान राजा चौहान के तौर पर पुख्ता हो गई है. राजा चौहान ने दंगा फैलाने के मकसद से भीड़ पर फाय़रिंग की थी जिसके बाद 2 दलितों की मौत हो गयी और शांतिपूर्ण आंदोलन दंगे में तब्दील हो गया. पुलिस ने राजा चौहान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. राजा चौहान बीजेपी का कट्टर समर्थक व हिंदूवादी संगठनो का सदस्य है. बचाव करते हुए हत्यारे राजा के पिता का कहना है कि उनका बेटा घटना से एक दिन पहले ही अपने काम के सिलसिले में इंदौर चला गया था. वो ये ज़रूर मानते…