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बहुजन प्रोडक्ट की भारी डिमांड बेचते बेचते थक जाओगे

भारत में जो 15 परसेंट लोग हैं व्यपार पर लेवल उन्हीं लोगों का कब्जा है लेकिन जो बहुजन समाज के लोग हैं. वो व्यापार में राष्ट्रीय और अंतरराष्रीय स्तर पर कम हैं जिसकी वजह से जो आर्थिक समानता नहीं है आर्थिक समता नहीं है आर्थिक समानता आए इसके लिए जो बहुजन समाज के लोग हैं .उन लोगों को भी व्यापार में आमना पड़ेगा व्यापार के अलावना भी जैसे फिल्म इंडस्टी या एडूकेसन उस सभी क्षेत्रों में बहुजन समाज को आगे आना पड़ेगा बहुजन समाज के अंदर हुनर तो उसको अब साबित करना पडेगा. चंद्रभान प्रसाद. दलित अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले कार्यकर्ता

सिख समुदायों ने आरएसएस पर पाबंदी लगाने की मांग

BY: JYOTI KUMARI सिख धर्म से जुड़ी सबसे बड़ी धार्मिक संस्था अकाल तख़्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर देश को बांटने वाली गतिविधियां चलाने का आरोप लगाते हुए आरएसएस पर तुरंत पाबंदी लगाने की मांग की है. वही हरप्रीत सिंह का कहना है कि "सभी धर्म और संप्रदाय के लोग भारत में रहते हैं और यही इस देश की खूबसूरती है. संघ का कहना है कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, लेकिन ये देश के हित में नहीं है." इस बीच भारतीय जनता पार्टी के सिख नेता आरपी सिंह ने आरएसएस का बचाव किया है. उन्होंने

क्या एक सिक्के के दो पहलू हैं बीजेपी और कांग्रेस?

Published by- Aqil Raza By- Aqil Raza ~ क्या राजनीति का नाम सत्ता और विपक्ष तक ही सीमीत है, क्या सत्ता में बैठी सरकार की अलोचना महज़ इस बजह से की जाती है जिससे विपक्ष में बैठी पार्टी फिर से सत्ता पर काविज हो सके। क्या सरकार पर सवाल खड़े करने का मकसद समाज में बहतर सुधार करने से प्रेरित होना नहीं चाहिए। यह सवाल क्यों उठाए जा रहे हैं इसको समझने की ज़रूरत है। देशभर में गौहत्या और मॉवलिंचिग की पिछले बीते सालों से लेकर अब तक कई घटनांए एक के बाद एक हमार सामने आई हैं। जिनमें SC/ST और मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादातर शिकार हुए हैं…

आरएसएस की शाखा में खड़े प्रोफेसर विवेक कुमार के फोटो का क्या है असली सच पढ़िये…

By~ अशोक दास, सोशल एक्टीविस्ट बीते 48 घंटों से सोशल मीडिया पर एक बार फिर जवाहर लाल नेहरू युनिवर्सिटी के प्रोफेसर विवेक कुमार की एक फोटो घूम रही है। इस फोटो में विवेक कुमार आरएसएस के मंच से अपनी बात रख रहे हैं। इसके आधार पर दुष्प्रचार किया जा रहा है। कि प्रोफेसर विवेक कुमार आरएसएस के एजेंट हैं। यह तस्वीर पहली बार सामने नहीं आई है। बीते साल पहले भी कुछ लोगों ने उस तस्वीर को फेसबुक पर शेयर कर प्रोफेसर विवेक कुमार के बारे में दुष्प्रचार करने की कोशिश की थी।अमूमन मैं किसी मसले पर जल्दी कोई कमेंट करने से बचता हूं। लेकिन चूंकि…

Hate Crimes against Christians is on rise; India ranked as 11th most unsafe country for the Christians

Tamil Nadu marked as most hostile state for Christians where caste has an important say. The report mentioning about the state says, “The Tamil Nadu violence has a disturbing overlay of caste discrimination, and the victims largely come from the so called lower castes in villages where the dominant groups object to prayer houses and even the entry of Christian religious leaders.”

RSS ने शहीद राजगुरु को बताया अपना स्वयंसेवक

नई दिल्ली. RSS के पूर्व प्रचारक और पत्रकार नरेंद्र सहगल की एक नयी किताब आयी है. इस किताब का नाम ‘भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता’ है अपनी किताब में दावा किया है कि शहीद राजगुरु आरएसएस से जुड़े हुए थे जिसके एक हिस्से जिसका शीर्षक ‘स्वयंसेवक स्वतंत्रता सेनानी’ में सहगल ने लिखा है कि ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी सांडर्स की हत्या के बाद राजगुरु ने नागपुर में संघ मुख्यालय का दौरा किया था. इस किताब की मदद से यह साफ करने की कोशिश की गई है कि देश की आजादी की लड़ाई में भी आरएसएस का योगदान रहा है. सहगल ने अपनी किताब में दावा किया है कि…

RSS से जुड़े पोस्टर में संत रविदास, वाल्मीकि को लिखा अस्पृश्य, भड़के बहुजन समाज के लोग

By: Ankur sethi उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में आरएसएस से जुड़े पोस्टर पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया. उस पोस्टर में वाल्मीकि, संत रविदास के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए गया है. इस पोस्टर के सोशल मीडिया में आने के बाद खासा विवाद पैदा हो गया है. बहुजन समाज ने इस पोस्टर का खुलकर विरोध किया. दरअसल 25 फरवरी को मेरठ में आरएसएस का सबसे बड़ा समागम होने जा रहा है. जिससे पहले मेरठ शहर को तरह- तरह के पोस्टरों से पाटा जा रहा है. शहर में कुछ पोस्टर्स ऐसे लगाए गए जिनमें लिखा है, ‘हिंदू धर्म की जैसे प्रतिष्ठा, वसिष्ठ जैसे ब्राह्मण,…

RSS के सहयोगी संगठन का बजट के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन

नई दिल्ली। बीते दिन लोकसभा में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश किया। मोदी सरकार के इस कार्यकाल के आखिरी बजट से मिडिल क्लास और नौकरीपेशा वर्ग के साथ-साथ भारतीय मजदूर संघ भी निराश है। आरएसएस के सहयोगी संगठन ने बजट को निराशाजनक बताते हुए मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मजदूर संगठन की तरफ से साफ कहा गया है कि सरकार ने मजदूरों और नौकरीपेशा वर्ग का बजट में बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा है। इसके अलावा सरकार ने इनकम टैक्स स्लैब में भी कोई बदलाव नहीं किया है। संगठन का कहना है कि बजट में मजदूर वर्ग के लिए कोई भी घोषणा नहीं की…