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भारत के महान आध्यात्मिक गुरुओं पर गौर करेगें तो आंखे खुली रह जायेगीं

संजय जोठे विज्ञान, प्रबन्धन, समाज, मनोविज्ञान और सबसे बढ़कर धर्म की राजनीति और अवसरवाद का वे जैसा इस्तेमाल करते हैं वैसा कोई और नहीं कर सकता। ये बाबा लोग खुद के बालों में हिजाब की कालिमा लगाकर भी वे आपको चिरयुवा दिखने के लिए तेल, च्यवनप्राश और योगमुद्रा बेचते जाते हैं। और भक्त भी इतने पक्के होते हैं कि वे भी खरीदते जाते हैं। इसी तरह विज्ञान की चाशनी में लपेटकर अंधविश्वास और पाखण्ड बेचा जाता है। भारतीय विश्वगुरु बहुत ही प्रभावशाली ढंग से अलग अलग विषयों को धर्म और रहस्यवाद से लेकर चक्रा हीलिंग, प्राणिक हीलिंग, पास्ट लाइफ…

क्यों आज भी बहुजनों को अलग गिलास में दी जाती है चाय?

क्या आपने किसी होटल में चाय पीने के बाद अपना चाय का कप खुद धोया है? दक्षिण भारत के कई हिस्सों में होटलों में चाय पीने के बाद भी कुछ लोगों को अपना कप खुद धोना पड़ता है. जाति के निचले पायदान पर खड़े समाजों, ख़ास तौर से बहुजन समुदाय के लोगों के साथ ऐसा बर्ताव किया जाता है. कई बार उन्हें बाकी ग्रामीणों के साथ चाय पीने की इजाज़त भी नहीं होती. असल में बहुजनों के चाय पीने के गिलास अलग रखे जाने की रूढ़ि को 'टू-ग्लास सिस्टम' कहते हैं. आज़ाद भारत के कुछ हिस्सों में यह रूढ़ि अब भी क़ायम है. सभी में नहीं, लेकिन कुछ सवर्ण परिवारों में…

‘2 अप्रैल को भारत बंद’ क्या बहुजन क्रांति को धार देगा यह आंदोलन?

By: बी एल बौद्ध विमर्श। कल तक हमारे युवाओं का यह कहकर मजाक उड़ाया जाता था कि ये सोशल मीडिया के शेर हैं.इनकी दुनिया व्हाट्सएप्प और फेसबुक तक ही सीमित है, लेकिन आज पूरा बहुजन समाज हमारे इन सोशल मीडिया के शेरों को सैल्यूट कर रहा है कि इन्होंने वो कार्य करके दिखा दिया जिसके लिए बाबा साहेब अंबेडकर ने सपना देखा था एवं सपना ही नहीं देखा था बल्कि बाबा साहेब का सच्चा सन्देश था कि समाज को संगठित करो और संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करो। आज हमारे इन योद्धाओं ने पूरे समाज को एक जाजम पर लाकर बैठा दिया है यह कोई छोटा काम नहीं है…

SC-ST के मुद्दे पर चर्चा की बजाय वाक आउट कर गया पंजाब विपक्ष

चंडीगढ़। पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल और कल्याण मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेताओं की कड़ी निंदा की है. उनके नेतृत्व वाले विरोधी पक्ष द्वारा विजिलेंस और निगरानी कमेटी मीटिंग में से वॉकआउट की घटना सामने आयी है। यह मीटिंग सूबा सरकार की तरफ से सूबे में अत्याचार निरोधक एक्ट को लागू करनॆ के लिए कठोर कदम उठाने सहित कई अहम फ़ैसले लेने के लिए बुलाई गई थी। मनप्रीत सिंह बादल ने मीटिंग के बाद कहा कि विरोधी पक्ष ने मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति का बहाना बनाते हुए मीटिंग से वॉकआउट करने का फ़ैसला किया…

जम्मू में सवर्णों के लिए अलग श्मशान का अनुसूचित जाती ने किया विरोध

जम्मू जो भारतीय राजनीति का चर्चित विषय रहा है। अब वहां से जातिगत भेदभाव की गंध भी उठने लगी है। जम्मू के बिश्नाह तहसील के चुनिया ब्राह्म्ण गांव में सवर्णों के लिए अलग श्मशान बन रहा है। जिसका बहुजनों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्मशान का मसला उठाया था। उस वक्त उनका बयान बड़ी सुर्खियां बना था पर अब उनके बताये रास्ते पर एक कदम और चलते हुए भाजपा के एक सांसद ने सवर्णों के लिए अलग श्मशान शेड बनवाने की तैयारी कर दी है। स्थानीय पूर्व नंबरदार…

RSS से जुड़े पोस्टर में संत रविदास, वाल्मीकि को लिखा अस्पृश्य, भड़के बहुजन समाज के लोग

By: Ankur sethi उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में आरएसएस से जुड़े पोस्टर पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया. उस पोस्टर में वाल्मीकि, संत रविदास के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किए गया है. इस पोस्टर के सोशल मीडिया में आने के बाद खासा विवाद पैदा हो गया है. बहुजन समाज ने इस पोस्टर का खुलकर विरोध किया. दरअसल 25 फरवरी को मेरठ में आरएसएस का सबसे बड़ा समागम होने जा रहा है. जिससे पहले मेरठ शहर को तरह- तरह के पोस्टरों से पाटा जा रहा है. शहर में कुछ पोस्टर्स ऐसे लगाए गए जिनमें लिखा है, ‘हिंदू धर्म की जैसे प्रतिष्ठा, वसिष्ठ जैसे ब्राह्मण,…

रिपोर्ट: सवर्ण महिलाओं की तुलना में 14 साल कम जीती हैं भारत की बहुजन महिलाएं

By:Ankur sethi दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट जिसका शीर्षक टर्निंग प्रॉमिसेज इन टू एक्शनः जेंडर इक्वालिटी इन 2030 एजेंडा' है. इस नाम की इस रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में महिलाओं को लैंगिक और अन्य कई असमानताओं का सामना करना पड़ता है। भारत में आज भी सवर्ण महिलाओं की अपेक्षा बहुजन महिलाओं के लिए साफ-सफाई, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल का अभाव है। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में महिलाओं को लैंगिक और अन्य कई असमानताओं का सामना करना पड़ता है। भारत में बहुजन महिलाओं की औसतन आयु ऊंची जाति की महिलाओं की…

राजस्थान आयकर विभाग ने रोका दलितों का प्रमोशन ? धरने पर बैठे कर्मचारी

BY: NIN BUREAU जयपुर| राजस्थान आयकर विभाग में घमासान मचा हुआ है, आरक्षित वर्ग के कर्मचारी ने अपने खिलाफ हो रही नाइंसाफी को लेकर अनशन पर बैठ गए हैं, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें उनके अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसको लेकर आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों में रोष है, शिकायत के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी धरने पर बैठे, वहीं प्रदर्शनकरियों का कहना है कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा वो बीजेपी सरकार के खिलाफ अपना धरना जारी रखेंगे। दरअसल राजस्थान आयकर विभाग में आरक्षित वर्ग अनुसूचित जाति और…