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Supreme Court

आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का निहितार्थ

भारती की सवर्ण जातियां सोचती हैं कि दलित, आदिवासी और ओबीसी को आरक्षण उनका हक मार कर दिया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि एससी,एसटी और ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान तथाकथित उच्च जातियों के 100 प्रतिशत आरक्षण को तोड़ने या कम करने के लिए किया गया था। 100 प्रतिशत आरक्षण तोड़न के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है, सिर्फ़ प्रावधान, व्यवहार में नहीं। ऐसा सोचने की जगह कमोवेश सुप्रीमकोर्ट की भी यही सोचता है कि यह तथाकथित उच्च जातियों के हकों को मारने का प्रावधान है, क्योंकि सुप्रीमकोर्ट में भी उच्च जातियों और उच्च

क्या जजों के फैसले का लोगों पर पड़ रहा गलत असर ?

नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत ने हाल में आई अपनी किताब में लिखा है कि बेहतर आर्थिक नतीजों के लिए शासन बहुत जरूरी है. उन्होंने खास तौर पर न्यायपालिका पर जोर दिया जिसके फैसले कई बार विकास में बड़ी रुकावट बन जाते हैं. उन्होंने पर्यावरण और विकास के बीच टकराव का जिक्र किया और बताया कि अदालतें कई बार अपने विवेक, यानि संतुलन की दरकार, को भी दरकिनार कर देती हैं. टेलीकॉम रेवेन्यू का मामला और अदालत का फैसला अमिताभ कांत ने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालना होगा क्योंकि जजों को उनके फैसलों के आर्थिक असर की समझ जरूर होनी चाहिए.

JAMIA और AMU के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा : CJI ने कहा- क्योंकि वे स्टूडेंट हैं इसका मतलब यह नहीं कि कानून हाथ में लें

नागरिकता कानून के खिलाफ जामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और उस पर हुई पुलिस की कार्रवाई के पर अर्जी को सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान में लिया है. मामले की सुनवाई अब 17 दिसंबर को होगी. अर्जी पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश एएस बोबडे ने कहा, 'क्योंकि वे छात्र हैं इसका मतलब यह नहीं है कि कानून हाथ में लें. इस मामले पर तभी फैसला जब मामला शांत हो जाएगा. बवाल रुक जाने दीजिए. हम इस हालात में कोई फैसला नहीं दे सकते हैं'. नागरिकता कानून पर हो रही हिंसा पर संज्ञान लेने के

नागरिकता संशोधन विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

इंडियन मुस्लिम लीग ने नागरिकता संशोधन विधेयक के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है. गुरुवार को उसकी ओर से एक याचिका दायर की गई है. सोमवार को लोकसभा ने और बुधवार को राज्यसभा ने इस बिल को बहुमत से मंज़ूर किया है, यह बिल 1955 के नागरिकता क़ानून में बदलाव के लिए लाया गया है. इस बदलाव के बाद भारत के तीन पड़ोसी देशों- पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू, जैन, पारसी, ईसाई, बौद्ध और सिखों को भारत की नागरिकता दिए जाने का रास्ता खुल गया है. मुस्लिम लीग के सांसदों पीके कुन्हालिकुट्टी, ईटी मोहम्मद

महाराष्ट्र में सरकार गठन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला टला

महाराष्ट्र में सरकार गठन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला अब कल यानी मंगलवार को आएगा. दरअसल, सभी पक्षों की दलीलों सुनने के बाद सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कल तक के फैसला टाल दिया. इसका मतलब यह है कि आज बहुमत परीक्षण नहीं होगा. एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की ओर से तत्काल फ्लोर टेस्ट कराने की मांग की गई थी. इससे पहले, अजित पवार के वकील ने अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए कहा कि अजित पवार ही एनसीपी हैं. अजित पवार का दावा है कि वह ही असली एनसीपी हैं. वहीं, राज्यपाल के सचिवालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने

महाराष्ट्र: सियासी फेरबदल जारी कल फिर होगा SC में सुनवाई!

महाराष्ट्र में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. याचिका पर न्यायमूर्ति एनवी रमना न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ सुनवाई कर रही है. महाराष्ट्र सरकार के गठन पर सवाल उठाते हुए शिवसेना की तरफ से पेश हुए कपिल सिब्बल ने कहा कि बहुमत के लिए 145 विधायकों की जरुरत है. प्रदेश से मनमाने तरीके से राष्ट्रपति शासन हटाया गया। सिब्बल ने कहा सरकार के पास बहुमत है तो आज ही साबित करे. इसके जवाब में जस्टिस भूषण ने कपिल सिब्बल से पूछा कि विधायकों के समर्थन की

मुस्लिम पक्ष का ऐलान, अयोध्या पर दोबारा हो फैसला ?

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पीटिशन को लेकर मुस्लिम पक्ष दो धड़ों में बंट गया है. मामले में पक्षकार रहे सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने रविवार 17 नवंबर को हुई बैठक में रिव्यू पीटिशन दाखिल करने से साफ इनकार कर दिया. दूसरी ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एआईएमपीएलबी ने रविवार को फैसला किया कि वह अयोध्या जमीन विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा. और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एआईएमपीएलबी की बैठक में यह फैसला लिया गया. कि एआईएमपीएलबी ने कहा कि

दिल्ली के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा वह आपातकालीन इस आपातकालीन से अच्छी थी

राजधानी दिल्ली में लोगों का प्रदूषण से बुरा हाल हो रखा है और हवा में कोई सुधार होता नहीं दिखाई दे रहा है.आज भी दिल्ली के कई शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक खतरे के निशान से उपर है. दरअसल पिछले सप्ताह कुछ दिन हवा की स्थिति ठीक रहने से दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से थोड़ी राहत जरूर मिली थी. लेकिन रविवार के बाद से दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और इसी जहरीली हवा के चलते लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. अगर हम अब की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर में नोएडा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. जहां AQI 482

अयोध्या जन्मभूमि विवाद पर आज फैसला हुआ खत्म!

अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर 5 जजों की अगुवाई में आज बड़ा फैसला सुना दिया है. शिया वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़े के दावे को खारिज कर दिया गाया है. सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के लिये किसी मुनासिब जगह पर पांच एकड़ जमीन दी जाए. केंद्र और उप्र सरकार के साथ मिलकर 2.77 एकड़ जमीन को राममंदिर निर्माण के लिए प्राधिकार को तीन महीने तक का आदेश दिया हैं. वही इतिहासकारों के मुताबिक सन् 1526 में बाबर इब्राहिम लोदी से जंग लड़ने भारत आया था. बाबर के सूबेदार मीरबाकी ने 1528 में अयोध्या में मस्जिद बनवाई. बाबर के सम्मान

Explained: Supreme Court SC/ST judgment, in review

By~ Faizan Mustafa On Tuesday, the Supreme Court recalled its directions in a March 20, 2018 verdict that had effectively diluted provisions of arrest under the Scheduled Castes & Scheduled Tribes (Prevention of Atrocities) Act, 1989. This was following a plea by the Centre seeking a review of that judgment. What is review of a judgment? ‘Review’ of a Supreme Court judgment is done by the same Bench. ‘Overruling’ means that the law laid down in one case is overruled in another case. When a higher court on appeal