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महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध के सबसे अधिक मामले बीजेपी सांसदों पर दर्ज : एडीआर

महिलाओं के विरूद्ध अपराध के मामलों का सामना कर रहे सांसदों के संदर्भ में भाजपा में सर्वाधिक 21 ऐसे सांसद है, उसके बाद कांग्रेस 16 ऐसे सांसदों के साथ दूसरे नंबर पर और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सात ऐसे सांसदों के साथ तीसरे नंबर पर है. एसोसएिशन फोर डेमोक्रेटिक रिफोर्म्स (एडीआर) ने यह बात कही है.उसने यह भी कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों से संबंधित मामलों के सिलसिले में लोकसभा में जहां 2009 में दो ऐसे सांसद थे, वहीं 2019 में ऐसे सांसदों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘तीने ऐसे सांसद और छह ऐसे

उन्नाव रेप पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए 9 दिसम्बर को मैदान में उतरेंगे भीम आर्मी!

एक तरफ बलात्कार की घटनाओं ने देश को झकझोर कर रख दिया है. हैदराबाद में एक बेटी से बलात्कार करने के बाद जलाकर हत्या करने के बाद. उन्नाव की बेटी ने भी शुक्रवार देर रात इस दुनिया को अलविदा कह दिया. लेकिन ये सभी घटनाएं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बेचैन क्यों नहीं कर रही हैं. दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों को जन्मदिन और चुनाव जीतने तक पर बधाई देने वाले मोदी ने इन बेटियों से बलात्कार और उनकी जलाकर हत्या करने वाली घटनाओं पर अभी तक कोई ट्वीट नहीं किया है. उन्नाव रेप पीड़िता की दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई. इतनी

हैदराबाद एनकाउंटर न्यायपालिका पर संकट और तालिबानी न्याय व्यवस्था का संकेत है

ये जो एनकाउंटर पर वाह-वाही कर रहे हो न ये यूपी के सरकारी एनकाउंटरों का भी समर्थन है. आपको मूर्ख बनाकर योगी के चार हजार एनकाउंटरों पर आपकी सहमति ले ली गई. अब जाति देखकर यूपी पुलिस ठोंकेगी तब किस मुंह से चिल्लाओगे. और याद रखना चिन्मयानंद, हरिशंकर त्रिवेदी, शुभम-शिवम द्विवेदी, प्रिंस सलूजा जैसों के एनकाउंटर कभी नहीं होते. एनकाउंटर में सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि आपको पता ही नहीं होता कि असली दोषी को ही ठोंका गया है या किसी को ही उठाकर ठोंककर वाहवाही लूट ली गई है. ऐसे एनकाउंटर छत्तीसगढ़ में अक्सर होते रहे हैं. किसी भी आदिवासी को

मैं कहता आंखन देखी : फैसला ‘ऑन द स्पॉट’ का निहितार्थ

सोशल मीडिया पर अब यह खबर वायरल हो चुकी है कि तेलंगाना पुलिस ने उन चार आरोपियों को मार गिराया है. जिनके उपर प्रियंका रेड्डी नामक एक महिला पशु चिकित्सक के साथ बलात्कार के बाद जिंदा जला देने का आरोप था. पुलिस ने यह कारनामा आज 6 दिसंबर, 2019 को सुबह 3 बजे किया. पुलिस का कहना है कि चारों अपराधी भाग रहे थे और इसी क्रम में उन्हें मार दिया गया. जाहिर तौर पर इस खबर से देश के वे लोग जश्न में डूब गए हैं जो यह मानते हैं कि हाथ के बदले हाथ और आंख के बदले आंख के जरिए ही अपराध पर नियंत्रण पाया जा सकता है. उनके लिए संविधान कोई मायने

आरोपियों के परिजनों ने कहा, प्रियंका रेड्डी को जैसे मारा है हमारे बेटों को वैसे ही सजा दो

हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म और जिंदा जलाने की घटना के बाद दिन पर दिन जनता का रोष बढ़ता जा रहा है. दोषियों को मौत की सजा दिलाने के लिए तेलंगाना के लोगों ने सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला. साथ ही सोशल मीडिया पर भी rip प्रियंका रेड्डी के चलते कई रेप के मामले सामने आने लगे है. इस घटना की निंदा करते हुए स्थानीय लोगों ने नारे लगाए और आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की. शनिवार को हुए इस दुष्कर्म में 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. हैरान कर देने वाली बात यह है कि इस घटना के बाद उसी जगह पर

देश में हो रहे महिलाओं के बलात्कार पर क्यों किया गया फूलन देवी को याद?

30 नवंबर यानि कि आज झारखंड विधानसभा के पहले चरण का चुनाव होना है. सभी पार्टियों ने अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं. सबने वादा किया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर करेंगे. चुनावी वादों के बीच राजधानी रांची में एक आदिवासी छात्रा का रेप हो जाता है वो भी एक नहीं दो नहीं 12 लोग उसके साथ गैंगरेप करते है.जबकि छात्रा रांची के ही नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ में सेकेंड ईयर की है घटना मंगलवार शाम की है. इस संबंध में मीडिया रिपोर्टस के अनुसार रांची के ग्रामीण एसपी ऋषभ झा ने बताया कि मंगलवार की शाम को

पत्नी की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाना रेप नहीं तो क्या है ?

By: Ankur sethi सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ से लेकर नारी हित की खूब बात करती है पर जब वास्तविकता नजर आती है तो इनकी नारी विरोधी स्थिति कई जगह साफ हो जाती है, इसी तरह का एक फैसला गुजरात हाई कोर्ट के हवाले से सामने आया है जिसे न्यायालय का फैसला बताकर, सरकार हाथ खड़े कर सकती है। ताजा मामला वर्तमान सरकार के गढ़ गुजरात का है जहाँ हाईकोर्ट का फैसला आया है कि पति मर्जी के बिना भी संबंध बनाए तो वो बलात्कर की श्रेणी में नहीं आएगा। जिसका मतलब साफ है कि पत्नी को पति का उत्पीड़न किसी भी हाल में सहना होगा, अगर पति जबर्दस्ती करे तो उसे सहमति…