گیا Uncategorized - مارچ 5, 2021

نئے زرعی قوانین کے خلاف دہلی کی سرحدوں پر کسانوں کی تحریک 100 دن ختم ہوچکے ہیں, لیکن ایسا لگتا ہے کہ اس کے ختم ہونے کا کوئی راستہ نہیں ہے۔ سنگھو بارڈر پر بیٹھے کسانوں نے تحریک کو تیز کرنے کا اعلان کیا ہے۔ کسان تنظیموں 06 مارچ کی صبح 11 شام سے شام 5 کے ایم پی ایکسپریس وے پر رات گیارہ بجے تک ٹریفک روک کر احتجاج کرنے کا فیصلہ کیا گیا ہے۔ 06 مارچ سے ملک بھر میں مختلف پروگرام منعقد کیے جائیں گے۔ نوجوانوں کی زیادہ تعداد کو شامل کیا جا رہا ہے۔ شائقین احتجاج کے مقام پر گرمی سے نمٹنے کے لیے, کولر اور اے سی لگائے جا رہے ہیں۔ پینے کا پانی بھی, چھبیل اور گنے کے رس کے انتظامات کئے گئے ہیں۔ کسانوں نے احتجاجی مقام پر بورویل بھی لگا دیا ہے۔

سنگھو ٹول پلازہ بند : پولیس نے پہلے ہی جی ٹی کرنال روڈ پر دہلی کی طرف سے رکاوٹیں لگا کر سڑک کو بند کر دیا ہے۔ اب سنگھو بارڈر گاؤں کے وسط سے کونڈلی چوکی کی طرف جانے والی سڑک کو بھی سیمنٹ کی رکاوٹیں لگا کر بند کر دیا گیا ہے۔ یہاں سے صرف پیدل چلنے والوں اور دو پہیہ گاڑیوں کے سواروں کو جانے کی اجازت ہے۔ کاروں اور دیگر چار پہیہ گاڑیوں کو جونٹی ٹول سے جی ٹی کرنال روڈ تک راستہ دیا گیا ہے۔ سنگھو گاؤں کے راستے میں گاؤں والوں نے کھیتوں کو پانی فراہم کرنے کے لیے دو جگہیں کھود دی ہیں۔ سڑک کی بندش سے قریبی دیہات کے لوگوں اور جی ٹی روڈ استعمال کرنے والے لاکھوں افراد کو مشکلات کا سامنا ہے۔

जोश बरकरार : प्रदर्शनस्थल पर किसानों का जोश बरकरार है। यहां युवाओं की टोली टैक्टर मार्च कर नारे लगाती दिखी। बुजुर्ग हाथ में बैनर लेकर पैदल चलते दिखे। पारंपरिक पोशाक में हरियाणा के जींद, करनाल, सोनीपत आदि गांवों से महिलाएं आती दिखाई पड़ीं। मंच से किसान नेता आगे की रणनीति बताते हुए अधिक से अधिक लोगों खासकर युवाओं को प्रदर्शनस्थल पर एकत्रित होने की अपील कर रहे थे।

किसान आंदोलन के लिए दिल्ली के अंदर से समर्थन जुटाने की कवायद जारी है। इसके लिए दिल्ली प्रदेश किसान मजदूर मोर्चा का गठन किया गया है। इस मोर्चे के जरिए दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में महापंचायत करने की भी योजना है। किसान सोशल आर्मी की ओर से जंतर-मंतर पर 08 मार्च को कैंडल मार्च निकाला जाएगा। इसके जरिए किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ से जुड़े मुद्दों पर ध्यान खींचा जाएगा।

06 मार्च को विभिन्न धरनास्थलों को जोड़ने वाले केएमपी एक्सप्रेस-वे पर पांच घंटे की नाकाबंदी की जाएगी। सुबह 11 बजे से शाम चार बजे के बीच सड़क जाम की जाएगी। यहां टोल प्लाजा को भी फ्री कराया जाएगा।

जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उन राज्यो में सरकार विरोधी प्रदर्शन किए जाएंगे। आठ मार्च को महिला किसान दिवस के रूप में मनाएगा। देशभर के सभी संयुक्त किसान मोर्चे के धरना स्थल आठ मार्च को महिलाएं संचालित करेंगी। इस दिन महिलाएं ही मंच प्रबंधन करेंगी और वक्ता भी होंगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने उस दिन महिला संगठनों और अन्य लोगों को आमंत्रित किया है। किसानों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर 15 मार्च को निजीकरण विरोधी दिवस का समर्थन किया है। किसान इस दिन को कॉरपोरेट विरोधी दिवस के रूप में मनाएंगे।

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