مودی کے وزیر نے عوام کو دھوکہ دیا! پرانی ایمبولینس پر اسٹیکر لگا کر دوبارہ افتتاح کیا
کورونا کی تباہ کاریوں سے پورا ملک سوگوار ہے۔. बिहार की हालत भी इस दौर में बेहद खराब है. मरीजों के साथ साथ मौतों के आंकड़े भी बढ़ते ही जा रहे हैं और इस मुश्किल घड़ी में भी नरेंद्र मोदी के मंत्री पब्लिक के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने एक ही एंबुलेंस का चौथी बार उद्घाटन कर दिया. ये छलावा जनता से ऐसे वक्त में किया जा रहा है जब यहां के लोगों को ऐसी एंबुलेंस की सख्त जरूरत है.

वही आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने फेसबुक पर लिखा है कि हद हो गई! बक्सर के MP केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री चौबे जी भागलपुर वाले ने एक ही ऐंबुलंस का एक बार नहीं 4 बार उद्घाटन किया लेकिन एक बार भी ऐंबुलंस नहीं चली। किसी NGO को गिफ़्ट कर दी।जब अपने ही क्षेत्रवासियों के साथ यह ठगी करते है तो देश के साथ क्या करते होंगे?

मामला बिहार के बक्सर का है, जहां के सांसद अश्विनी कुमार चौबे हैं. अश्विनी चौबे मोदी सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री हैं.मिली जानकारी के अनुसार, سال 2019 के संसदीय चुनाव से पूर्व सांसद अश्विनी कुमार चौबे के कहने पर एसजेवीएन नामक एक कपंनी द्वारा सीएसआर कोष से जिला स्वास्थ्य समिति को 6 एंबुलेंस उपहार में दिया गया.चौबे जी की करामात देखिए, चुनाव जीतते ही जिला स्वास्थ्य समिति से सभी 6 एंबुलेंस वापस ले लिया और एचएलएल नामक कंपनी को देने की चिट्ठी जारी कर दी.इसके बाद स्थानीय लोगों ने केंद्रीय मंत्री सह सांसद के इस फैसले का विरोध करना शुरु कर दिया.इस वजह से एचएलएल कंपनी इन एंबुलेंसों को बक्सर से बाहर नहीं ले जा सकी. اس کے بعد 1 साल से ज्यादा समय तक एंबुलेंस बक्सर सदर अस्पताल कैंपस में ही पड़ी रही.चौबे की फिर से करामात देखिए. 08 اپریل 2021 को चिट्ठी जारी कर इन्हीं 6 سے باہر 5 एंबुलेंस को एनजीओ धनुष फाउंडेशन को हैंडओवर कर दिया और एंबुलेंस को बक्सर से बाहर भेज दिया गया.इस खबर के मीडिया में आते ही स्थानीय कांग्रेस विधायक संजय कुमार तिवारी ने प्रशासन को आंदोलन की धमकी दे डाली. विधायक के दबाव में 05 घंटे के भीतर ही उन सभी 5 पुराने एंबुलेंसों पर नया स्टिकर लगाकर वापस बक्सर ले आया गया.सांसद सह केंद्रीय मंत्री चौबे की धोखेबाजी देखिए, अब वापस आए इन सभी एंबुलेंसो का एक बार फिर से वर्चुअल उद्घाटन किया जाएगा. बक्सर के तमाम भाजपा और आरएसएस के नेता इस उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारी में लगे हुए हैं.

अश्विनी चौबे की ये पहली हरकत नहीं है. ऐसे कारनामें वो हमेशा करते रहते हैं. इसके पहले भी लोकसभा चुनाव 2019 के पहले उन्होंने पब्लिक को बेवकूफ बनाने के पहले सदर अस्पताल बक्सर की पेंटिंग कर उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बदल कर उसका उद्घाटन कर दिया.8 महीने के बाद उसे ही हेल्थवेलनेस सेंटर का नाम देकर दूसरी बार फिर से उद्घाटन कर दिया, मतलब एक ही अस्पताल का नाम बदल बदल कर दो बार उद्घाटन कर दिया.स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि मंत्री चौबे ऐसे व्यक्ति हैं जो 1 दिन का किराया भुगतान कर तमाम सुविधाओं को बक्सर में लेकर आते हैं.तामझाम के साथ उसका उद्घाटन करते हैं और उद्घाटन होते ही सामान का मालिक उसे वापस अपने साथ लेकर चला जाता है.
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مولانا ابوالکلام آزاد, مولانا آزاد کے نام سے بھی جانا جاتا ہے۔, ہندوستان کے نامور اسکالر تھے۔, آزادی…






