भीड़ का खूंखार रुप, पीट-पीटकर की महिला की हत्या
झारखंड। बीते कुछ दिनों से चोटी कटने की अफवाहें थमने का नाम नहीं ले रही हैं, वहीं मिडिया भी इस मामले में आग में घी डालने जैसा काम कर रही है. लेकिन हालात तब और भी ज्यादा भयानक लगने लगते हैं जब ऐसी किसी अफवाह और शक के आधार पर किसी का कत्ल कर दिया जाता है।
झारखंड के साहिबगंज जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां उग्र भीड़ ने चोटी कटवा गिरोह का सदस्य समझकर एक महिला की जान ले ली। घटना राधानगर थानाक्षेत्र के मीरनगर गांव की है जहां शानिवार सुबह एक महिला की चोटी कटने की अफवाह फैली, देखते ही देखते यह बात पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई. ग्रामीण धीरे-धीरे इकट्ठा हुए और चोटीकटवा की गिरोह को ढूंढन लगे. इसी दौरान कटहलबाड़ी मोड़ के पास भीख मांग रही एक महिला व एक पुरुष और दस वर्षीय बच्चे को गिरोह का सदस्य समझकर दबोच लिया और जमकर पिटाई लगते हुए मीरनगर ले आए। उग्र भीड़ ने महिला को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। महिला को गंभीर हालत में हास्पिटल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गयी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लोगों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन भीड़ ने पुलिस की एक नहीं सुनी. उग्र भीड़ ने उल्टे पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया.
जिसमें इंस्पेक्टर, दारोगा सहित कुल सात पुलिस कर्मी बुरी तरह घायल हो गये. उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने तकरीबन 25 राउंड हवाई फायरिंग की. आक्रोशित लोगों ने एसपी व अन्य पुलिस कर्मी की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.
स्थानीय बुद्धिजीवियों ने की बचाने की कोशिश-
स्थानीय बुद्धिजीवियों ने पुरुष व महिला को भीड़ से बचाने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बंद कर सुरक्षित रखा. लेकिन महिला व बच्चे को बेकाबू भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया.
बताया जाता है कि ये लोग बिहार के कटिहार जिले से भीख मांगने के लिए क्षेत्र में प्रत्येक साल आते हैं. भीड़ ने इन भिक्षाटन कर रहे लोगों को चोटी कटवा गिरोह का सदस्य समझ कर पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया।
Remembering Maulana Azad and his death anniversary
Maulana Abul Kalam Azad, also known as Maulana Azad, was an eminent Indian scholar, freedo…






