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International - May 5, 2017

पाक के खिलाफ जबाबी कार्यवाई का ब्लूप्रिंट तैयार

नई दिल्ली: भारतीय जवानों के साथ की गयी बर्बरता का करारा जवाब पाकिस्तान को देने की तैयारी शुरू हो चुकी है. पाकिस्तान ने जो हिमाक़त की है, उसका खामियाज़ा उसे भुगतना ही पड़ेगा. सेना और सरकार में मौजूद बड़े सूत्रों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक अब कृष्णा घाटी में बदले का ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है.कृष्णा घाटी समेत उन तमाम जगहों पर जहां भौगोलिक लिहाज़ से पाकिस्तान बेहतर स्थिति में है वहां बोफोर्स तोपों की तैनाती हो गयी है. इसके साथ ही करीब चार हजार से ज्यादा अतिरिक्त जवान सरहद पर युद्धस्तरीय तैयारी और मानसिकता के साथ मुस्तैद कर दिए गए हैं.पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से सही जवाब देने की हरी झंडी दी जा चुकी है. रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भी सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत से साफ शब्दों में कह दिया है कि पड़ोसी को जो भाषा समझ में आए उसी भाषा में जवाब दिया जाए. कल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने साफ शब्दों में कहा, ”फ्यूचर प्लान फौज कभी देती नहीं है पहले, प्लान जब एक्जीक्यूट हो जाता है उसके बाद दिया जाता है. इस तरह की कार्रवाई जब होती है तो उसके लिए खुद हम भी जवाबी कार्रवाई करते हैं.”सेना के शीर्ष सूत्रों ने कहा है कि पाकिस्तान को ये पता है कि उसने जो किया है, उसका जवाब हिंदुस्तान जरूर देगा, इसलिए वो भी तैयारी में हैं, लेकिन इधर से जिस जवाब की तैयारी हो रही है उसकी पाकिस्तान ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी.सर्जिकल स्ट्राइक अगर आतंक की पनाहगाहों पर थी तो इस बार उन्हें संरक्षण देने वाले पाकिस्तानी आकाओं को सबक़ सिखाया जाएगा, इसके लिए एलओसी पर रात को भी दिन में तब्दील कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल यानि एलओसी करीब 740 किमी लंबी है, करीब 550 किमी लंबी सुरक्षा बाड़ मौजूद है. अब पूरी 740 किमी की एलओसी को
भारत को सबसे ज्यादा नागवार गुज़रा है कि बैट के ट्रेनिंग कैंपों पर आपत्ति के बाद भी पाकिस्तान ने भारतीय जवानों के साथ बर्बरता की. एक महीने पहले ही भारत ने पाकिस्तान को आगाह किया था पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में बैट ट्रेनिंग कैंप बंद किए जाएं.भारतीय जवानों के साथ बर्बरता के बाद भारत के डीजीएमओ लेफ़्टिनेंट जनरल अशोक भट्ट ने बैट ट्रेनिंग कैंपों को लेकर पाकिस्तान से कड़े शब्दों में नाराज़गी जताई थी. डीजीएमओ ने कहा था कि बार-बार मुद्दा उठाने के बाद भी हमला किया गया, इसलिए ऐसी नीचतापूर्ण हरकत जवाबी कार्रवाई की ज़द में आती है.ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक़ एजेंसियों ने पीओके में चार-पाँच एक्टिव बैट ट्रेनिंग कैंप मार्क किए थे, ये कैंप एलओसी से करीब 10-12 किलोमीटर दूर पीओके में संचालित हो रहे हैं. ऐसे हर कैंप में तीन दर्जन से ज्यादा पाकिस्तानी सेना के कमांडो को ट्रेनिंग दी जा रही है.खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी सेना की एसएसजी यानि स्पेशल सर्विसेज़ ग्रुप के कमांडो दस्ते को पिछले महीने ही यहां ट्रेनिंग दी गयी थी. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के घरेलू हालात ज्यादा बिगाड़ने की आशंका को देखते हुए सरहद से पीछे भी एक और सुरक्षा चक्र और घाटी में अशांति फैलाने वाले तत्वों के ‘इलाज’ के लिए भी तैनाती की गई है.

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