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International - June 13, 2017

4000 गायों को एयरलिफ्ट करेगा कतर

कतर और उसके पड़ोसी खाड़ी देशों के बीच चल रहा विवाद दिनोदिन और तूल पकड़ता जा रहा है। तमाम परेशानियों के बावजूद कतर ने किसी भी तरह का समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है। अपने ऊपर लगाए गए बैन के कारण खड़ी हुई मुश्किलों से निपटने के लिए कतर कई दिलचस्प तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है। इसी कड़ी में अब कतर के एक कारोबारी ने 4,000 गायों को हवाई जहाज की मदद से अपने देश तक पहुंचाने का फैसला किया है। ब्लूमबर्ग की एक खबर के मुताबिक, इन गायों का आयात करने का मकसद कतर के अंदर ताजे दूध की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। मौजूदा संकट में कतर की सबसे बड़ी ताकत शायद उसके अपने लोग हैं, जो कि डटकर अपनी सरकार के साथ खड़े हैं। मालूम हो कि प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से कतर दुनिया का सबसे अमीर देश है। कतर के पास प्राकृतिक गैस का बहुत विशाल भंडार है।
सऊदी अरब, UAE, मिस्र और बहरीन ने कतर पर आतंकवाद को समर्थन देने का आरोप लगाते हुए उसके साथ सभी आर्थिक व कूटनीतिक संबंध तोड़ लिए हैं। इन देशों ने अपने हवाई मार्ग को भी कतर के लिए बंद कर दिया है। कतर अनाज और दूध जैसी अपनी कई घरेलू जरूरतों के लिए बहुत हद तक सऊदी पर निर्भर था। अब चूंकि सऊदी ने उसके साथ सभी व्यापारिक रिश्ते भी खत्म कर लिए हैं, तो कतर में ताजे दूध का संकट पैदा हो गया है। इससे निपटने और सऊदी के बैन का जवाब देने के लिए कतर के व्यापारी मोताज अल खयात ने 4,000 गायों को एयरलिफ्ट कर दोहा ले जाने का फैसला किया है। मोताज पावर इंटरनैशनल होल्डिंग के अध्यक्ष हैं।
इसके लिए कतर एयरवेज़ को कम से कम 60 बार उड़ान भरनी होगी। एक स्वस्थ वयस्क गाय का वजन तकरीबन 590 किलो के करीब है। इन गायों को ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में खरीदा गया है। गायों को एयरलिफ्ट कराने के अपने निर्णय पर बात करते हुए मोताज ने बताया, ‘अब मौका आ गया है कि मैं अपने देश कतर के लिए कुछ करूं।’ गायों को कतर लाने के बाद उन्हें रखने और उनकी देखरेख संबंधी सारी जरूरतों पर काम पूरा हो चुका है। मोताज ने बताया कि जून के अंत तक यहां ताजे दूध का उत्पादन शुरू हो जाएगा। अनुमान है कि जुलाई के मध्य तक दूध की घरेलू मांग का एक तिहाई हिस्सा घरेलू उत्पादन से पूरा कर लिया जाएगा। इस बैन से पहले भी कतर सरकार खाद्यान्न के लिए आयात पर निर्भरता को खत्म करने की रणनीति पर काम कर रही थी। सरकार 2030 तक खाद्यान्न संबंधी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर होने की योजना पर काम कर रही है।
कतर के लोग सऊदी व साथी देशों द्वारा लगाए गए बैन को चुनौती के तौर पर ले रहे हैं। मोताज का कहना है कि गायों को एयरलिफ्ट कराने का फैसला भी कतर की ओर से सऊदी को दिया गया जवाब है। 2022 में यहां फुटबॉल का विश्वकप होने जा रहा है। इसके लिए कतर सरकार हर हफ्ते करीब 32 अरब रुपये खर्च कर रही है। कतर अब खाद्यान्न का आयात करने के नए व्यापारिक मार्गों की तलाश कर रहा है। खाद्यान्न संकट से निपटने के लिए कतर ने ईरान से फल और सब्जियों का आयात शुरू कर दिया है। साथ ही, तुर्की से डेयरी पदार्थ मंगवाए जा रहे हैं। कतर में लोग सऊदी के फैसले के खिलाफ एकजुट होते हुए स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की मुहिम चला रहे हैं।

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