گھر زبان ہندی بھارت-نیپال سرحد پر گولیاں چلیں, 3 ہندوستانی شہریوں کی حالت تشویشناک ہے

بھارت-نیپال سرحد پر گولیاں چلیں, 3 ہندوستانی شہریوں کی حالت تشویشناک ہے

پیچھے 6 سال اور بی جے پی کا یہ وقت 6 साल के राज में इस देश ने वो सब झेला जिसका किसी ने सोचा भी नहीं होगा। छोटे से छोटा देश मोदी सरकार के राज में भारत को लाल आंख दिखा रहा है। चीन के तेवर दिखाने के बाद से ही नेपाल जैसा छोटा देश भी भारत के नागरिकों पर गोलियां बरसा रहा है।

दराअसल भारत-नेपाल के बीच संबंधों में खटास का बुरा असर अब सीमावर्ती इलाकों में भी दिखने लगा है। शनिवार को नेपाल सीमा से सटे बिहार के किशनगंज में नेपाली पुलिस ने भारतीय नागरिकों पर गोलियां चला दीं। इसमें एक व्यक्ति गोली लगने से बुरी तरह जख्मी हो गया।

जिसको लेकर किशनगंज के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नेपाल पुलिस ने तीन भारतीय नागरिकों पर गोली चलाई जिसमें एक व्यक्ति बुरी तरह जख्मी हो गया। फिलहाल घायल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और मामले की जांच की जा रही है। घायल युवक का नाम जितेन्द्र कुमार सिंह है और उम्र 25 साल है। घायल होने के बाद जितेंद्र को इलाज के लिए प्राथमिक उपचार के लिए पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टेढ़ागाछ ले जाया गया बाद में उसे हायर सेंटर रेफर किया गया. युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इस पूरे मामले पर गांव के लोगों ने बताया कि जितेंद्र और उसके दो साथी अंकित कुमार सिंह और गुलशन कुमार सिंह शनिवार की शाम लगभग साढ़े सात बजे अपनी मवेशी ढूंढने भारत-नेपाल सीमा स्थित माफी टोला के नजदीक गांव से बाहर खेत की तरफ गये। तभी नेपाल सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस इन युवकों पर अचानक फायरिंग कर दी. इसमें जितेंद्र कुमार सिंह को गोली लग गई।

इस घटना के बाद सीमा पर एसएसबी भी अलर्ट है. वहीं प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर रहे हैं. पुलिस और एसएसबी के अधिकारियों के बीच विशेष बैठक चल रही है। एसएसबी 12वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट बिरेन्द्र चौधरी ने नेपाल पुलिस द्वारा गोली चलाने की घटना की पुष्टि की है।

लेकिन सवाल ये उठ रहा है की कब तक भारत का आम नागरिक ऐसे ही हादसों का शिकार होता रहेगा। औऱ सरकार कब तक हाथ पर हाथ रखकर सब तमाशा होता देखती रहेगी। अगर सरकार ने वाकई में कोई सख्त कदम नहीं उठाए तो ऐसा ना हो की भारत आगे चलकर किसी बड़ा हादसे का शिकार हो जाए।

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