Home International Political चीन ने भारत के साथ की धोखाधड़ी, फिर भी सरकार चीन पर निर्भर क्यों ?
Political - 6 days ago

चीन ने भारत के साथ की धोखाधड़ी, फिर भी सरकार चीन पर निर्भर क्यों ?

भारत-चीन के बीच लद्दाख की गलवान घाटी में 5 घंटे चले खूनी संघर्ष के बाद देशवासियों का दिल दहल उठा है. चीन की नाकामयाबी धोखे से वार करने पर साबित हो चुकी है. वहीं इस बीच खबर है कि बाकी पड़ोसी देश भी चीन की धोखाधड़ी से परेशान है. इस बीच अमेरिका ने चीन की तानाशाही को काबू में करने की पुरजोर तैयारी की है. अमेरिका भारत का साथ देने के लिए आगे आया है.

दरअसल, दुनिया के सबसे ताकतवर देश ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का मुकाबला करने के लिए अपने सेना को यूरोप से हटाना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही मिली जानकारी के मुताबिक मौजूदा समय में चीन अपने पड़ोसी देशों पर लगातार दबाव बना रहा है. एक तरफ भारत के पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास चीन ने अपनी सेना तैनात कर दी है, तो वहीं दूसरी ओर उसने साउथ चाइना सी में अपनी आक्रामक रणनीति को और भी बढ़ा दिया है.

चीन के ऐसे नापाक रवैये को देखते हुए अमेरिका ने चीन की इस हरकत को बड़ा खतरा बताया है. चीन की ऐसी हरकतों के मद्देनजर अमेरिका ने यूरोप में मौजूद अपनी सेना को हटाकर एशिया में तैनात करना शुरू कर दिया है. इस मामले पर अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, मैंने इस महीने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत की, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी शांतिपूर्ण पड़ोसियों को लगातार धमका रही है, वहीं भारत के साथ यह टकराव की स्थिति में है.

माइक पोम्पियो ने आगे कहा कि हम अपनी सेना को भारत, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, दक्षिण चीन सागर के उन जगहों पर तैनात करने जा रहे हैं, जहां चीन की सेना से सबसे ज्यादा खतरा है. हम यह तय करेंगे कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का मुकाबला करने के लिए हम सेना को सही जगह पूरी ताकत के साथ तैनात करें. हालांकि चीन की धोखाधड़ी के बाद भी भारत चीन पर निर्भर है. चीन से सस्ते सामानों का आयात जारी है. डोकलाम विवाद के बाद से अब तक कमी आने की जगह चीन से फार्मा आयात में 20 प्रतिशत की बढोतरी हुई है, जो बेदह ही निंदनीय है.

बता दें कि इससे पहले चीनी सैनिकों के साथ झड़प में शहीद हुए भारतीय सेना के 20 जवानों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर सरकार का जमकर घेराव किया. उन्होने कहा कि यह बात पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है कि गलवां घाटी में चीन का हमला पूर्व नियोजित था. सरकार सो रही थी और समस्या से इनकार किया. जिसके चलते हमारे शहीद जवानों को इसकी कीमत चुकानी पड़ी.

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