होम भाषा हिंदी जेडीयू के बाद अब अखिलेश यादव ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने पर BJP को कही ये बात

जेडीयू के बाद अब अखिलेश यादव ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट लागू करने पर BJP को कही ये बात

समाजवादी पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पार्टी विधान मंडल दल की बैठक को संबोधित कर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ा व बहुजन विरोधी एजेंडे पर ही काम कर रही है। जातीय जनगणना आवश्यक है। हिस्सेदारी और भागीदारी का सवाल आबादी के हिसाब से आंकड़े आने पर ही हो सकता है।

 सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा कि, मंडल कमीशन की पूरी रिपोर्ट लागू करने के बजाय भाजपा सरकार संवैधानिक व्यवस्था को कमजोर करने का कुचक्र रच रही है। पर सपा इसका विरोध करेगी, हमारे विधायक सड़क से लेकर सदन तक गरीब, कमजोर और वंचित समाज की आवाज उठाएंगे।

इसके साथ ही केंद्र सरकार में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी जातीय जनगणना का समर्थन किया है। मंत्री बनने के बाद मंगलवार को पहली बार लखनऊ पहुंची अपना दल एस की अध्यक्ष अनुप्रिया ने कहा कि यह आज देश की मांग है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग महासंघ के अभिनंदन समारोह में उन्होंने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक मंत्रालय की तर्ज पर ही केंद्र में ओबीसी मंत्रालय का गठन भी किया जाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने कहा कि, केंद्र और योगी सरकार ने जनता को निराश किया है। भाजपा की गलत नीतियों से अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई है। यूपी में सपा सरकार में जीडीपी 10 प्रतिशत थी, जबकि भाजपा सरकार में यह घटकर करीब पांच प्रतिशत रह गई है। भाजपा की नीतियों के चलते बेरोजगारी से नौजवान हताश हो गए हैं तो महंगाई की मार से जनता बेहाल है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का चारों तरफ बोलबाला है। जलशक्ति मिशन घोटाला की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। सपा किसानों के साथ हमेशा रही है। शिक्षामित्र, वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों का निराकरण सपा में ही संभव है।

जेडीयू प्रवक्ता निखिल मंडल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मंडल कमीशन को लेकर जो सिफारिशें हैं, उसमें कुछ लागू हुई हैं, जबकि कुछ किताबों में ही हैं और जेडीयू भी मांग करती है कि सभी सिफारिशें लागू हों.

बहरहाल मंडल कमीशन लागू करने से लेकर जातीय जनगणना को लेकर भी लोगों ने मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाना शुरु कर दिया जिसमें विपक्षी पार्टियां भी शामिल है लेकिन देखना वाली बात ये है कि क्या मोदी सरकार इन मुद्दों पर कोई जवाब देगी या नहीं?

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