યુપી વિધાનસભાની ચૂંટણીની તૈયારીમાં માયાવતી,રાજકીય ક્ષેત્રે પડકાર આપશે
यूपी की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है कि बहुजन समाज पार्टी ने अपने दो बड़े नेताओ को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। 3 जून को बसपा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते मायावती के करीबी नेताओ में गिने जाने वाले विधायक लालजी वर्मा (MLA Lalji Verma) उनके साथ ही राम अचल राजभर (Ram Achal Rajbhar) को पार्टी ने निष्कासित कर दिया गया है.

रामअचल राजभर और लालजी वर्मा बसपा के संस्थापक सदस्यों में से थे और कांशीराम के समय से पार्टी में जुड़े हुए रहे थे. दोनों ही नेतातों के बसपा से निष्कासित करने की कार्रवाई के बाद पत्र जारी कर कहा है कि इन्हें अब पार्टी के न तो किसी कार्यक्रम में बुलाया जाएगा और न ही बसपा की तरफ से कभी चुनाव लड़ाया जाएगा.

इन दोनों दिग्गज नेताओं को पार्टी से निकाले जाने के बाद यूपी की राजनीति में सरगर्मियां और तेज हो गई हैं. मायावती के इस फैसले के चलते 2017 ની વિધાનસભા ચૂંટણીમાં 403 सीटों में 19 जीतने वाली बसपा के पास मौजूदा समय में सिर्फ 7 विधायक ही बचे हैं।

बतया जा रहा है कि दोनों पर पंचायत चुनाव में पार्टी विरोधी कार्य करने के चलते दोनों को निष्कासित गया है अब विधायक लालजी वर्मा की जगह मायावती ने विधान मंडल की शाह आलम उर्फ़ गुड्डु जमाली को जिम्मेदारी दी है। अब सभी का एक सही सवाल है कि आखिर शाह आलम उर्फ़ गुड्डु जमाली कौन है। आप को बताये तो शाह आलम बसपा सुप्रीमो मायावती के बेहद करींबी और भाई आकाश आनंद के बिजनेस पार्टनर है। आप को बताये तो शाह आलम उर्फ़ गुड्डु जमाली आजमगढ़ के मुबारकपुर से विधायक भी है। यही नहीं आप को बताये तो उनका कन्ट्रशन बिजनेस है। उनकी पत्नी भी बिजनेस है जो “बिग शॉप” के नाम से उनकी दुकाने चलती है। वो पहली बार वर्ष 2012 व दूसरी बार 2017 में विधायक बने थे।
बीएसपी से निकाले गए दोनों नेताओं के समाजवादी पार्टी में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। चर्चा है कि बीएसपी के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा काफी समय से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के संपर्क में हैं। ऐसे में बीएसपी से अलग होने के बाद वह एसपी में जा सकते हैं। हालांकि बीएसपी से निकाले जाने के बाद उनका अगला कदम क्या होगा, इस पर सबकी नजरें रहेंगी।
लेकिन जिस तरह बहुजन समाज को लेकर बुद्धिजीवियों से लेकर बहुजन नेता ट्वीटर पर आवाज उठा रहे है कि 2022 का चुनाव मायावती की ही जीत होगी और पूरा बहुजन समाज मायावती के साथ खड़ा है .उससे यही लग रहा है कि यूपी विधानसभा चुनाव में मायावती बड़ी जीत हासिल कर सकती है.वही दूसरी ओर बीजेपी पार्टी में बदलाव को लेकर भी लगातार सियासी अटकलें लगाई जा रही है.
फिलहाल यूपी विधानसभा 2022 चुनाव को लेकर इस समय बसपा सुप्रीमो मायावती काफी एक्टिव मोड में दिखाई दे रही है। पिछले दिनों में ही पार्टी ने लखनऊ समेत 6 जिलों के जिलाध्यक्ष को बदला था और अब यह फैसला। मायावती ने पहली ही ऐलान कर दिया था कि इस बार आगामी विधान सभा चुनाव बसपा अपने दम लडे़गी।.
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