सामाजिक
मनु और गांधी की विरासत को ले जाना – आज हम देखते हैं कि ऊंची जातियों ने किस तरह भारत को आकार दिया है.
ऐसा लगता है कि ब्राह्मणवाद भारतीय राष्ट्रवाद और जिस भारतीय राज्य को इसने जन्म दिया, उसके साथ बहुत कठोर संबंध है. ब्राह्मणवाद का तात्पर्य न केवल ब्राह्मणवादी विचारों से है, बल्कि इसके चारों ओर बनी सामाजिक संरचना से है – जाति व्यवस्था. एलन ऑक्टेवियन ह्यूम की पहल पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन किया गया था, एक उदारवादी…
अधिक पढ़ें »अमर चित्र कथा, नए युग के साथ हिंदू पौराणिक कथाओं को अद्यतन और सिंक्रनाइज़ करने के लिए एक परियोजना
प्रशांत नेमा एक लेखक और एक जाति-विरोधी कार्यकर्ता हैं. उन्होंने हाल ही में अमर चित्र कथा पर एक दिलचस्प दृश्य श्रृंखला समाप्त की, कॉमिक बुक्स जिसमें उन्होंने ग्राफिक नॉवेल और कॉमिक पब्लिशर की कट्टरता को सामने लाया। एक विदाई पोस्ट में, उन्होंने हाल ही में अमर चित्र कथा पर एक दिलचस्प दृश्य श्रृंखला समाप्त की, कॉमिक बुक्स जिसमें उन्होंने ग्राफिक नॉवेल और कॉमिक पब्लिशर की कट्टरता को सामने लाया। एक विदाई पोस्ट में…
अधिक पढ़ें »आरक्षण के जनक ही नहीं, पिछड़े-बहुजनों और आदर्श दार्शनिक थे राजा शाहू जी महाराज
प्लेटो ने अपनी चर्चित किताब ‘रिपब्लिक’ में एक ऐसे राजा की कल्पना की है जिसमें दार्शनिक जैसी मानवीय गरिमा, साहस और राजनीतिक श्रेष्ठता एवं बौद्धिकता का मेल हो. उसका कहना था कि ऐसा राजा मानव जाति को तमाम अभिशाप से मुक्त कर सकता है और अंधेरे से निकाल कर रोशनी…
अधिक पढ़ें »संत कबीर : अपने दोहों से जातिवाद, पाखंडवाद और ब्राह्मणवाद की खोलतें थे पोल
ब्राह्मणवाद के खिलाफ अपनी लेखनी से विद्रोह करने वाले महान संत कबीर दास जी की वाणी आज भी जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष का रास्ता दिखाती है। बहुजन परंपरा में कबीर जैसे महानायकों का जीवन हम सबके लिए एक प्रेरणा है, कॉमिक बुक्स जिसमें उन्होंने ग्राफिक नॉवेल और कॉमिक पब्लिशर की कट्टरता को सामने लाया। एक विदाई पोस्ट में…
अधिक पढ़ें »जातिगत भेदभाव को भोगते हुये हिंदी साहित्य को अद्वितीय योगदान समर्पित करने वाले सूरजपाल चौहान जी का स्मृतिशेष होना बहुजन समाज की अपूरणीय क्षति
हिन्दी साहित्य के वरिष्ठ साहित्यकार सूरज पाल चौहान नहीं रहें। आज 15 जून को सुबह उनका परिनिर्वाण हो गया। वह 66 वर्ष के थे। सूरजपाल चौहान पिछले काफी दिनों से बीमार थे और लगातार उनका डायलिसिस हो रहा था। उनके निधन की सूचना से बहुजन साहित्य के साथ हिन्दी साहित्य…
अधिक पढ़ें »दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में भारत के सिर्फ 3 शामिल, IISc के साथ IIT रोपड़ और IIT इंदौर को मिली जगह
टाइम्स हायर एजुकेशन ने 2021 की अच्छे विश्वविद्यालयों की लिस्ट जारी की है । जिसमें भारतीय संस्थान IIsc पिछले साल के मुकाबले एक पायदान नीचे आकर 37वें स्थान पर आ गया जो कि शीर्ष के 50 विश्वविद्यालयों में सबसे अच्छा भारतीय संस्थान यही है। जिसमें आपको बताते दें शीर्ष के…
अधिक पढ़ें »कोरोना की दूसरी लहर का असर, 1 करोड़ लोग हुए बेरोजगार, 97% परिवारों की आय घटी
देशभर में कोरोना ने बीते साल से कोहराम मचाया हुआ है और ये दूसरी लहर पहले से काफी भयावह साबित हुई है. इस दूसरी लहर के चलते जहां लाखों-करोड़ों लोग महामारी से संक्रमित हुए और भारी संख्या में लोगों ने जान गवाईं.कोरोना ने देश हर तरफ से झकझोड़ के रख…
अधिक पढ़ें »बाबा रामदेव की फिर बढ़ी मुश्किलें, IMA ने दिल्ली पुलिस के पास दर्ज कराई शिकायत
रामदेव के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (पास) का विरोध तेज होता जा रहा है। IMA ने 27 मई को दिल्ली के आईपी एस्टेट पुलिस स्टेशन में योगगुरु के खिलाफ शिकायत दी है। इसमें रामदेव पर महामारी एक्ट, आपदा एक्ट और राजद्रोह समेत दूसरी धाराओं के तहत FIR दर्ज करने की…
अधिक पढ़ें »मोदी सरकार के 7 साल: देश पर कर्ज और बेरोज़गारी हुई दोगुनी
2014 के मुक़ाबले 2021 में आज भारत कहाँ खड़ा है, आम भारतीय किस स्थिति में हैं- इसका आकलन ही मोदी सरकार के 7 साल के कामकाज का मूल्यांकन हो सकता है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले बीजेपी के शासनकाल में जहाँ जीडीपी की विकास दर घटती चली गयी, वहीं देशवासियों…
अधिक पढ़ें »यूपी सरकार का दावा 20 दिन में कोरोना पर पाया काबू , आंकड़े बयां कर रहे तबाही का मंज़र
कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए जब वैज्ञानिक अलर्ट जारी कर रहे थे,तब हमारे देश के नेता पहली लहर में अपनी सफलता के बड़े-बड़े दावे करने में व्यस्त थे। उनको लग रहा था कि कोविड-19 ख़त्म हो गया है और उन्होंने जंग जीत ली है। भारत का सबसे अधिक आबादी…
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