Uttar Pradesh & उत्तराखंड
मजदूरों के घाव पर नमक छिड़कना बंद करें- सुरजेवाला
देश में पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया. जिसको लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. लॉकडाउन के इस मंदी के समय में जब निर्मला सीतारमण को मजदूरों और गरीबों को उनके हाथों मे पैसा थमाने की जरुरत थी. तब उन्होंने कर्ज की जो घोषणाएं…
अधिक पढ़ें »कोरोना का कहर बरकरार, लॉकडाउन 3 के अंतिम दिन कोरोना के सबसे ज्यादा केस
कोरोना कम होने की जगह लगातार बढ़ता जा रहा है।जहां एक और इस वैक्सीन की दवाई की तलाश जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कई देश के वैज्ञानिक छोटी-मोटी दवाईयों से काम चलाने की कोशिश कर रहे।तो वहीं भारत में कोरोना लगातार बढ़ता जा रहा है।दरासल कोरोना को लेकर देश…
अधिक पढ़ें »घर वापसी को लेकर भड़के मजदूर, सरकार ले संज्ञान?
देश में मजदूर कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन में दोहरी मार झेल रहे है. लॉकडाउन के लगभग 50 दिन हो चुके है लेकिन अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों की समस्या खत्म होने का नाम नही ले रही है. कई मजूदर घर वापस पहुंच गए है लेकिन अब भी…
अधिक पढ़ें »घर वापसी: इंतजार कर फूटा गुस्सा, भारी तादाद में जुटे मजदूर
कोरोना के कारण देशव्यापी लॉकडाउन के बीच मजदूरों को सबसे ज्यादा मार झेलनी पड़ रही है. जहां एक ओर देहाड़ी मजदूरों की रोज़ी-रोटी का जरिया खत्म हो गया है तो वहीं दूसरी ओर उनके पास खाने-रहने के लिए पर्याप्त भोजन और जगह नही है. जिसके कारण वे अपने घर लौटने…
अधिक पढ़ें »घर लौट रहे मजदूरों की फिर मौंत, जिम्मेदार कौन ?
देश में मजदूरों की सुविधा मुहैया कराये जाने के भले ही ताबड़तोड़ दावे किए जा रहे हो, लेकिन इसकी सच्चाई उन मजदूरों की हालत के देखने के बाद लगाई जा सकती है जिनकी मौत कभी ट्रक से, कभी बस से और कभी मालगाड़ी से कुचल कर हो गई. जहां एक…
अधिक पढ़ें »कोरोना: यूपी में फैक्ट्री पर छापेमारी, नकली सैनिटाइजर-मास्क जब्त
वैसे तो योगी सरकार में रेप, हत्या और लूटपात चरम पर चल रहा है. लेकिन एक औऱ खबर सामने आई है, जो योगी सरकार को कटघरे में खड़ा करती है. एक तरफ पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है. सभी देश अपने लोगो के बचाव के लिए पैसो…
अधिक पढ़ें »सहारनपुर: डॉ. अंबेडकर की मूर्ति तोड़ने से नाराज़ बहुजन सड़को पर उतरे
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के घुन्ना गांव में मंगलवार को भारत रत्न संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ा गया. इसके बाद बहुजन समाज के कई लोग नाराज़ हो गए और सड़को पर प्रदर्शन के लिए उतरे. इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया…
अधिक पढ़ें »दिल्ली में बैठे नहीं, कस्बों के पत्रकारों को है धोखा?
भारत में पत्रकारिता के नाम पर जो कुछ नाम मात्र का बचा-खुचा है, वह छोटे शहरों और कस्बों में काम कर रहे पत्रकारों की वजह से है, जो सिस्टम का पुर्जा बन नहीं पाए हैं, या सिस्टम ने जिन्हें अब तक अपना पुर्जा बनाया नहीं है. हो सकता है कि…
अधिक पढ़ें »सीवर में और कितनी मौतों का इंतजार है बीजेपी को
सीवर सफ़ाई के दौरान यूपी के गाजियाबाद में पांच कर्मियों की मौत!मौत या व्यवस्थागत-हत्या! अब चैनल वालों के लिए तो ये खबर है नहीं! अखबार ने खबर छापी है! कुछ ही घंटे बाद लोग यह खबर भूल जायेंगे! कोई चर्चा नहीं होगी! सीवर-सफ़ाईकर्मियों की मौत की अगली खबर आने तक!…
अधिक पढ़ें »बिहार में 50 साल पहले घट चुकी है सोनभद्र जैसी घटना।
50 साल पहले ऐसी ही घटना घटी थी बिहार में जैसी आज सोनभद्र उत्तरप्रदेश में घटी है। 24 मई 1967 को पूर्णिया जिले के रूपसपुर चंदवा में 14 आदिवासी बटाईदारों की हत्या कर दी गई थी। यह बिहार का पहला बड़ा नरसंहार था। एक भूमि विवाद को लेकर आदिवासियों को…
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