گھر زبان ہندی اس بار گورکھپور میں ایک بڑا اسکینڈل, یوگی سرکار سوالوں کے کٹہرے میں ہیں

اس بار گورکھپور میں ایک بڑا اسکینڈل, یوگی سرکار سوالوں کے کٹہرے میں ہیں

مودی سرکار نے اقتدار میں آتے ہی لاکھوں وعدے کیے تھے لیکن سب کو پتہ چل گیا کہ وہ وعدے کتنے کھوکھلے نکلے۔ اس کے ساتھ ہی اگر جرائم کے گراف پر نظر ڈالی جائے تو اغوا کی وارداتیں بڑھ رہی ہیں۔, हत्याओं की घटनाएं ये साफ कर रही है की सरकार से सत्ता संभल नहीं रही है। बता दें की उत्तर प्रदेश के कानपुर का लैब असिस्टैंट की किडनेपिंग और मर्डर केस अभी लोग भूले भी नहीं थे कि गोरखपुर से किडनैपरों ने एक करोड़ के लिए एक नाबालिग को अगवा कर मार डाला. इस मामले पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही आरोपियों पर एनएसए लगाने की तैयारी कर ली गई है।

गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल छत्रधारी गांव के नाबालिग की हत्या मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाते हुए पुलिसकर्मियों की जवाब तय करने और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने का आदेश दिया है। बच्चे की हत्या के बाद परिवार में मातम है और लोग डरे हुए हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की पांचवीं में पढ़ने वाला बलराम गुप्ता रविवार दोपहर 12 बजे घर से खाना खाने के बाद दोस्तों के साथ खेलने गया था, लेकिन तीन बजे एक फोन कॉल से पूरा घर हिल गया। पता चला कि उसका अपहरण कर लिया गया है और एक करोड़ रुपये की फिरौती मांग गई है।

14 साल के बलराम गुप्ता के पिता पान की एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, अपहरणकर्ताओं की 1 करोड़ की फिरौती की डिमांड पूरी करना उनके बूते की बात नहीं थी।उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस भी बच्चे की तलाश में जुट गई, जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था उसे भी सर्विलांस में लगाया गया लोगों से पूछताछ की गई।

फिलहाल अबतक की जांच में पुलिस ने अपहरण और हत्या के इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 3 पर हत्या और दो पर फर्जी कागजातों पर सिमकार्ड बेचने का आरोप है, लेकिन इसमें एक नाम निखिल भारती का है जो चौंकाने वाला है, क्योंकि वो बलराम को ना सिर्फ जानता था बल्कि कई दफे उसके और दोस्तों के साथ खेलता भी था।

अब सोचने वाली बात ये है की आखिर निखिल नाम के युवक ने पैसों के लिए अपहरण क्यों कराया। सवाल तो ये भी है की योगी सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी बदमाश लगाता पुलिस और सरकार दोनों को चुनौती दे रहें है, जिसे सरकार सिर्फ आंख बंद कर देख रही है।

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