घर राज्य दिल्ली-एनसीआर कोरोनाचा नवीन विक्रम,एका दिवसात 6 हजार प्रकरणे, 148 मृत्यू

कोरोनाचा नवीन विक्रम,एका दिवसात 6 हजार प्रकरणे, 148 मृत्यू

कोरोना आखिर खत्म क्यों नहीं हो रहा ये वाकई में एक सोचने वाला मुद्दा है।कही ना कही किसी ना किसी से चुक हो रही है।अब फिर चाहे वो केंद्र सरकार हो या फिर आम लोग।लेकिन अगर आगे भी आने वाले समय में हालात नहीं संभले तो ये वायरस इस देश के सामने कभी खत्म ना होने वाली परेशानी खड़ी कर देगा।

देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा एक लाख 18 हजार से अधिक हो गया है।शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, अब कुल मरीजों की संख्या 1 लाख 18 हजार 447 है।इसमें से 3583 लोग जान गंवा चुके हैं,राहत की बात है कि कोरोना से जंग जीतने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है।बता दें की अब तक 48 हजार 534 लोग ठीक हो चुके हैं।कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए कुछ लोगों का ये भी कहना है मोदी से सरकार नहीं संभल रही।इस सरकार ने देश की लुटिया डुबा दी है।

मागील 24 घंटे के अंदर 6088 नए मामले सामने आए हैं और 148 लोगों की मौत हो चुकी है।पिछले कुछ दिनों से मरीजों का आंकड़ा हर रोज 5 हजार को पार कर रहा है,बुधवार को भी 5611 नए केस तो गुरुवार को 5609 नए मामले सामने आए थे।अभी देश में 66 हजार 330 एक्टिव केस हैं।

जानकारी के लिए बता दें की महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 41 हजार 642 मामले हैं, 24 घंटे में यहां 2345 नए मामले दर्ज हुए।तो वहीं गुजरात में कुल 12 हजार 910 मामले हैं, यहां 24 तासात 371 केस दर्ज हुए, जबकि तमिलनाडु में गुजरात से ज्यादा कुल 13 हजार 967 मामले दर्ज हो चुके हैं, यहां 24 तासात 776 नए मामले सामने आए हैं।

अगर हम दिल्ली में मरीजों के आंकड़ों पर नजर डाले तो यहा मरीजों की संख्या 11 हजार 659 है।अब तक यहां 194 लोक मरण पावले आहेत, तर 5567 लोग ठीक हो चुके हैं।राजस्थान में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 6227 आहे,यहां अब तक 151 लोगों की मौत हो चुकी है।वहीं, मध्य प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 5981 आहे, कोणत्या 270 लोग जान गंवा चुके हैं।

अगर देखा जाए तो कोरोना वायरस के बढ़ने की असली वजह है सरकार की वो लापरवाही।जिसका सरकार ने संज्ञान ले लिया होता तो शायद आज देश में ऐसी परेशानी ना होती।भले ही राहुल गांधी की चेतावनी केंद्र सरकार को मजाक लगी हो लेकिन आज सरकार की उस लापरवाही का खामियाजा गरीब,मजदूर लोगों को सबसे ज्यादा उठाना पड़ रहा।

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